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यूपी मतदाता पुनरीक्षण 2026: फॉर्म-6 भरें और 20 साल के लिए नाम सुरक्षित करें

Sir Ji Ki Pathshala

उत्तर प्रदेश में वर्तमान में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया नए मतदाताओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर लेकर आई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष अभियान के दौरान फॉर्म-6 भरकर मतदाता बनने वाले नागरिकों का नाम अगले एसआईआर तक पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि भविष्य में, यानी लगभग 20 या 22 साल बाद जब दोबारा गहन पुनरीक्षण होगा, तब इन मतदाताओं को नाम की मैपिंग या पहचान के सत्यापन के लिए किसी प्रकार की भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ेगी। मतदाता बनने की सुविधा बाद में भी उपलब्ध रहती है, लेकिन एसआईआर के दौरान नाम दर्ज कराने का यह विशेष सुरक्षा लाभ अन्य समय पर नहीं मिलता है।

UP Voter List SIR 2026 Campaign CEO Navdeep Rinwa Instruction Poster

​सीईओ नवदीप रिणवा ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे उन युवाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करें जो 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं। निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक 79 लाख से अधिक युवा और नागरिक मतदाता बनने के लिए अपना आवेदन कर चुके हैं। दावे और आपत्तियों के निस्तारण की वर्तमान प्रक्रिया के अंतर्गत 6 मार्च तक प्राप्त होने वाले आवेदनों को जांच के बाद 10 अप्रैल को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में स्थान दिया जाएगा। यह सूची वर्ष 2025-26 की एसआईआर प्रक्रिया का अंतिम दस्तावेज होगी।

​वर्तमान में इस प्रक्रिया को लेकर इतनी सक्रियता इसलिए दिखाई जा रही है क्योंकि वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान के दौरान प्रदेश के लगभग 1.04 करोड़ लोगों के नाम का डेटा मेल नहीं खा पाया है। इस विसंगति के कारण बड़ी संख्या में लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं और उन्हें अपने दस्तावेजों के साथ ईआरओ और एईआरओ के कार्यालयों में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए जाना पड़ रहा है। जो नागरिक इस वर्तमान एसआईआर प्रक्रिया में अपना नाम दर्ज करा लेंगे, वे भविष्य में होने वाली ऐसी किसी भी जटिल जांच प्रक्रिया से सुरक्षित रहेंगे क्योंकि उनका डेटा पहले से ही प्रमाणित और मैप किया हुआ माना जाएगा।

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