लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले एक महत्वपूर्ण राहत भरा आदेश जारी किया है। शासन की ओर से विशेष सचिव वित्त आलोक दीक्षित ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के आय-व्ययक अनुदान की मांगों के आधार पर मार्च 2026 के वेतन भुगतान की प्रक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इस आदेश के जारी होने से प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत नियमित कर्मचारियों और शिक्षण संस्थानों के स्टाफ के बीच व्याप्त अनिश्चितता समाप्त हो गई है।
शासनादेश संख्या 5/2026/बी-1-813 के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि उत्तर प्रदेश विधान मंडल द्वारा आगामी बजट की स्वीकृतियां पारित की जा चुकी हैं। इसी क्रम में वित्त विभाग ने पहले ही 28 मार्च 2026 को एक कार्यालय ज्ञाप जारी कर बजट की वित्तीय स्वीकृतियां देने के दिशा-निर्देश सभी अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों को भेज दिए थे। अब ताजा निर्देश में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि बजट आवंटन की प्रत्याशा में प्रदेश के समस्त नियमित शिक्षण और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के मार्च माह के वेतन का भुगतान अप्रैल 2026 में अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
इस निर्णय का सीधा लाभ न केवल राज्य सरकार के नियमित कर्मचारियों को मिलेगा, बल्कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों और विभिन्न विश्वविद्यालयों के स्टाफ को भी प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त चिकित्सा आयुर्विज्ञान संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों को भी इस दायरे में रखा गया है। शासन ने सभी विभागाध्यक्षों, जिलाधिकारियों और मुख्य कोषाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे वेतन निकासी की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का विलंब न होने दें।


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