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'स्कूल चलो अभियान 2026-27' के सफल क्रियान्वयन हेतु शासन ने जारी किए कड़े दिशा-निर्देश, देखें शासनादेश।

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 'स्कूल चलो अभियान' को एक जन-आंदोलन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने प्रदेश के सभी डीएम को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शासन का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी बच्चा शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित न रहे।

​इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विभाग ने जमीनी स्तर पर कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें शिक्षा विभाग के साथ-साथ स्वास्थ्य और बाल विकास विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा। जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल संबंधित विभागों के साथ बैठक कर नामांकन प्रक्रिया की समीक्षा करें।

अभियान के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • विभागीय समन्वय: महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार, और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर 'स्कूल चलो अभियान' की रणनीति तैयार करना।
  • पंजीकरण और नामांकन: आशा बहू और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सर्वे के आधार पर 3 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों का बाल वाटिका में और 6 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों का कक्षा-01 में अनिवार्य नामांकन सुनिश्चित करना।
  • प्रवेश की निरंतरता: कक्षा 5, 8 और 10 उत्तीर्ण करने वाले प्रत्येक छात्र का अगली कक्षा (6, 9 और 11) में दाखिला सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाध्यापक की होगी।
  • जन-जागरूकता: स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अभिभावकों को प्रेरित करना कि वे अपने बच्चों को 3 वर्ष से 18 वर्ष की आयु तक निरंतर स्कूल भेजें।
  • डिजिटल मॉनिटरिंग: सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और प्रधानाध्यापकों के साथ नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रगति की समीक्षा करना।

​शासन ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल बच्चों का स्कूल में दाखिला कराना है, बल्कि उनकी शिक्षा की निरंतरता बनाए रखना भी है। विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए प्रत्येक परिवार तक यह संदेश पहुँचाया जाएगा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य का आधार है।

UP Government Order for School Chalo Abhiyan 2026-27 by Parth Sarthi Sen Sharma"