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यूपी बोर्ड मूल्यांकन कार्य के लिए नई पारिश्रमिक दरें जारी, जानें शिक्षकों और कर्मचारियों को क्या मिलेगा

Sir Ji Ki Pathshala

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए विस्तृत वित्तीय गाइडलाइन जारी कर दी है। शासन द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, मूल्यांकन केंद्रों पर तैनात मुख्य नियंत्रकों से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक के मानदेय और भत्तों में स्पष्टता लाई गई है।

UP Board Exam 2025 Remuneration Chart Official Document

प्रमुख पदों के लिए निर्धारित पारिश्रमिक (Honorarium)

​वर्ष 2025 हेतु जारी की गई तालिका के अनुसार, मूल्यांकन कार्य में शामिल विभिन्न श्रेणियों के लिए दरें इस प्रकार हैं:

पद/कार्य पारिश्रमिक दर अधिकतम सीमा
मुख्य नियंत्रक ₹ 08/- प्रति परीक्षक ₹ 2,184/-
उप नियंत्रक ₹ 08/- प्रति परीक्षक ₹ 2,653/-
कक्ष नियंत्रक ₹ 75/- प्रतिदिन ₹ 1,658/-
कोठारी (Kothari) ₹ 50/- प्रतिदिन ₹ 1,352/-
हाईस्कूल कॉपी मूल्यांकन ₹ 14/- प्रति उत्तर पुस्तिका -
इंटरमीडिएट कॉपी मूल्यांकन ₹ 15/- प्रति उत्तर पुस्तिका -
जलपान व्यय ₹ 25/- प्रतिदिन (प्रति परीक्षक) -
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ₹ 18/- प्रतिदिन ₹ 587/-

महत्वपूर्ण वित्तीय निर्देश

​दस्तावेज़ में स्पष्ट किया गया है कि मूल्यांकन कार्य से संबंधित सभी भुगतान पारदर्शी तरीके से किए जाएंगे। इसके लिए कुछ कड़े नियम बनाए गए हैं:

  1. अधिकतम सीमा: एक परीक्षक के लिए समस्त पारिश्रमिक कार्यों की कुल सीमा ₹ 25,000/- निर्धारित की गई है।
  2. डिजिटल भुगतान: आवंटित धनराशि का भुगतान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ई-पेमेंट (E-payment) या ई-कुबेर के माध्यम से किया जाएगा। किसी भी स्थिति में व्यक्तिगत नकद भुगतान या व्यक्तिगत खाते में आहरण मान्य नहीं होगा।
  3. आकस्मिक व्यय: मूल्यांकन केंद्रों को स्टेशनरी, पानी, बिजली और दैनिक मजदूरों के लिए अलग से बजट आवंटित किया गया है। स्थानीय परीक्षकों को ₹ 35/- प्रतिदिन वाहन भत्ता भी दिया जाएगा।
  4. ऑडिट और जवाबदेही: मूल्यांकन कार्य समाप्त होने के तुरंत बाद सभी बिल और वाउचर क्षेत्रीय कार्यालय में जमा करने होंगे। वित्तीय अनियमितता की स्थिति में सारी जिम्मेदारी संबंधित आहरण वितरण अधिकारी की होगी।

नोट: यह दरें केवल वर्ष 2025 की परीक्षा के लिए प्रभावी हैं। वर्ष 2026 के लिए अभी दरें बोर्ड ने तय नहीं की है। समयबद्ध और त्रुटिहीन मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी की निगरानी और सख्त वित्तीय अनुशासन का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।