लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के अंकेक्षण (स्क्रूटनी) कार्य में लगे शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) ने मानदेय की दरों में भारी वृद्धि का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। यदि यह प्रस्ताव पास होता है, तो शिक्षकों के पारिश्रमिक में 14 गुना की बढ़ोतरी होगी।
वर्ष 2001 के बाद पहली बार बदलाव की तैयारी
शिक्षा निदेशक डॉ. महेन्द्र देव द्वारा शासन को भेजे गए पत्र के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं के अंकेक्षण कार्य के लिए वर्तमान में प्रति कॉपी केवल ₹1.00 दिया जा रहा है। यह दर वर्ष 2001 में तय की गई थी और पिछले 25 वर्षों से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि अन्य मूल्यांकन कार्यों के मानदेय में 2013, 2015, 2019 और 2024 में कई बार वृद्धि की जा चुकी है।
क्या है नया प्रस्ताव?
बोर्ड ने अब इस विसंगति को दूर करने के लिए नया प्रस्ताव तैयार किया है:
- पुरानी दर: ₹1.00 प्रति उत्तर पुस्तिका
- प्रस्तावित नई दर: ₹14.00 प्रति उत्तर पुस्तिका
क्यों जरूरी थी यह वृद्धि?
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणामों की शुद्धता बनाए रखने में अंकेक्षकों (Auditors) की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि अंकों के जोड़ या एंट्री में कोई गलती न हो। ₹1 की पुरानी दर आज के समय में बेहद कम और अप्रासंगिक हो चुकी थी, जिसे देखते हुए अब इसे ₹14 करने की मांग की गई है।
शिक्षा निदेशक ने शासन से इस प्रस्ताव पर जल्द से जल्द आवश्यक कार्यवाही करने का अनुरोध किया है। शासन की हरी झंडी मिलते ही नई दरें लागू हो जाएंगी, जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा।


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