चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ के एक प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को शिक्षा देने के बजाय उनसे 'सेवा' कराई जा रही थी। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी प्रधानाध्यापिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मामला मुख्यालय कर्वी के प्राथमिक विद्यालय नया बाजार का है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 21 सेकंड के एक वीडियो में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका, मधु राय, कक्षा के भीतर फर्श पर चटाई बिछाकर लेटी हुई नजर आ रही हैं। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि यूनिफॉर्म पहने कुछ छात्राएं उनके पैर दबा रही हैं (फुट मसाज कर रही हैं)।
यह वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर फैला, अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि जिस उम्र में बच्चों के हाथों में कलम होनी चाहिए, वहां उनसे निजी कार्य कराया जा रहा है।
वीडियो का संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए। नगर शिक्षाधिकारी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने कड़ा रुख अपनाया।
- निलंबन: दोषी पाए जाने पर प्रधानाध्यापिका मधु राय को सस्पेंड कर दिया गया है।
- जांच जारी: विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या यह कोई पहली घटना थी या स्कूल में लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां चल रही थीं।
सरकारी स्कूलों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन इस तरह की घटनाएं शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाती हैं। छात्राओं से निजी सेवा कराना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि यह बाल अधिकार और शिक्षा के अधिकार (RTE) का भी खुला उल्लंघन है।


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