बहराइच। जनपद के सरकारी स्कूलों में पीएम पोषण योजना (मिड-डे मील) के तहत भोजन पकाने में आ रही गैस सिलेंडर की किल्लत को दूर करने के लिए प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू की है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) आशीष कुमार सिंह ने आदेश जारी किया है कि अब गैस सिलेंडर का भुगतान विद्यालयों के मध्यान्ह भोजन निधि खाते के चेक के माध्यम से ही किया जाएगा।
आपूर्ति में आ रही बाधाओं का समाधान
पिछले कुछ समय से विद्यालयों में गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति न होने की समस्या सामने आ रही थी। इस संबंध में जिला प्रशासन और जिला पूर्ति अधिकारी के बीच हुई वार्ता के बाद यह स्पष्ट किया गया कि भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए चेक बुक का उपयोग अनिवार्य होगा।
क्षेत्रीय प्रबंधक (सेल्स) के साथ हुई चर्चा के अनुसार, यदि विद्यालय अपने एमडीएम खाते के चेक से भुगतान करते हैं, तो गैस एजेंसियां बिना किसी बाधा के सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी।
प्रमुख दिशा-निर्देश और शर्तें
BSA द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया है:
- अनिवार्य चेक भुगतान: सभी विद्यालय केवल मध्यान्ह भोजन निधि खाते के चेक से ही गैस का बिल भरेंगे।
- सत्यापन प्रक्रिया: स्कूलों को आपूर्ति किए गए सिलेंडरों के सीरियल नंबरों का रैंडम आधार पर सत्यापन किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
- उपयोग की मर्यादा: गैस सिलेंडरों का प्रयोग केवल और केवल मिड-डे मील बनाने के लिए ही किया जाएगा। अन्य किसी भी कार्य के लिए इनका उपयोग वर्जित है।
विभागीय समन्वय और निगरानी
इस आदेश की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण के निदेशक को भी भेजी गई है। साथ ही, जिला पूर्ति अधिकारी और एलपीजी कंपनियों (HPCL, IOCL, BPCL) के क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी संबंधित गैस एजेंसियों को स्कूलों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी करें।
यह नियम जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ सहायता प्राप्त मदरसों, राजकीय इंटर कॉलेजों और समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों पर भी समान रूप से लागू होगा।
नोट: इस नई व्यवस्था से स्कूलों में नकद भुगतान की समस्या खत्म होगी और भोजन बनाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।


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