लखनऊ। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, उत्तर प्रदेश द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) की वार्डन्स के प्रशिक्षण को लेकर नए निर्देश जारी किए गए हैं। नीपा (NIEPA), नई दिल्ली के माध्यम से आयोजित होने वाली इन कार्यशालाओं की मॉनिटरिंग और मास्टर ट्रेनर्स की भागीदारी को लेकर व्यापक बदलाव किए गए हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य बदलाव
राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी पत्र (पत्रांक: GE-113 / KGBV WARDEN TRG / 9223) के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति को देखते हुए मास्टर ट्रेनर्स की पूर्व निर्धारित सूची में संशोधन किया गया है।
इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण सूचना यह भी दी गई है कि अप्रैल माह में प्रस्तावित प्रशिक्षण को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश
कार्यशालाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शासन ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है:
- मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक): प्रयागराज, अयोध्या और मेरठ के अधिकारियों को कार्यशाला के शुभारंभ और समापन के अवसर पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा।
- जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA): प्रतापगढ़, अयोध्या, प्रयागराज और गाजियाबाद के BSA को समय-समय पर कार्यशाला का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
- राज्य प्रतिनिधि: प्रत्येक कार्यशाला में राज्य परियोजना कार्यालय से भी एक प्रतिनिधि शामिल होगा।
मास्टर ट्रेनर्स के लिए दिशा-निर्देश
संशोधित सूची में शामिल मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षण शुरू होने से एक दिन पूर्व कार्यशाला स्थल पर पहुँचना अनिवार्य है। उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था संबंधित संस्थानों द्वारा की जाएगी, जबकि यात्रा भत्ते (TA) का भुगतान नियमानुसार राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा किया जाएगा।


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