उत्तर प्रदेश में घर बनाने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है, लेकिन इसके साथ एक महत्वपूर्ण कानूनी शर्त भी जुड़ी है। यदि आपका भूखंड (Plot) 100 वर्ग मीटर तक का है, तो आपको नक्शा पास कराने की लंबी प्रक्रिया से तो छूट मिल गई है, लेकिन ऑनलाइन पंजीकरण कराना अब भी अनिवार्य है।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) के उपाध्यक्ष आनंद वर्धन ने स्पष्ट किया है कि 'भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2025' के तहत कुछ नियमों का पालन करना हर निर्माणकर्ता के लिए जरूरी है।
1. मात्र 1 रुपये में ऑनलाइन पंजीकरण
नक्शा पास कराने की जरूरत भले न हो, लेकिन निर्माण शुरू करने से पहले उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल map.up.gov.in पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
- इस पंजीकरण के लिए टोकन शुल्क मात्र 1 (एक) रुपया निर्धारित किया गया है।
- अन्य जो भी शुल्क पोर्टल पर दर्शाए जाएंगे, उन्हें नियमानुसार जमा करना होगा।
2. स्व-प्रमाणन (Self-Certification) की शर्त
निर्माणकर्ता को खुद यह प्रमाणित करना होगा कि उसका मकान 'बिल्डिंग बायलाज' के मानकों के अनुरूप बन रहा है। इसमें मुख्य बातें शामिल हैं:
- भूमि का स्वामित्व: जमीन के कागजात सही होने चाहिए।
- भूखंड का आकार: प्लॉट का साइज और मंजिलों की संख्या का विवरण देना होगा।
- घोषणा पत्र: एक शपथ-पत्र या घोषणा पत्र देना होगा कि निर्माण सरकारी नियमों के भीतर है।
3. छोटे व्यावसायिक निर्माण (दुकान) के लिए नियम
आवासीय भवनों के साथ-साथ 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक निर्माण (दुकान आदि) को भी 'न्यूनतम जोखिम' श्रेणी में रखा गया है। इनके लिए भी नक्शा स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है, बशर्ते उनका ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल पर किया गया हो।
शहरों में मकान के साथ दुकान (मिश्रित उपयोग) की सुविधा
योगी कैबिनेट द्वारा स्वीकृत नई नियमावली 2025 के अनुसार, अब शहरों में मकान के साथ दुकान बनाने की सुविधा भी दी गई है, जिसकी शर्तें इस प्रकार हैं:
- बड़े शहरों में (10 लाख से अधिक आबादी): जहाँ सड़क की चौड़ाई 24 मीटर या अधिक है, वहाँ मिश्रित उपयोग (मकान + दुकान) की अनुमति होगी।
- छोटे शहरों में (10 लाख से कम आबादी): जहाँ सड़क की चौड़ाई 18 मीटर या अधिक है, वहाँ भी यह छूट दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश के map.up.gov.in पोर्टल पर 100 वर्ग मीटर तक के मकान का पंजीकरण (Registration) करना काफी सरल है। आप नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करके खुद या किसी साइबर कैफे की मदद से इसे पूरा कर सकते हैं:
ऑनलाइन पंजीकरण की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
- वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले यूपी सरकार के आधिकारिक पोर्टल map.up.gov.in पर लॉग ऑन करें।
- पंजीकरण विकल्प चुनें: होमपेज पर आपको "Online Building Plan Approval System" (OBPAS) या छोटे भूखंडों के लिए 'स्व-प्रमाणीकरण' (Self-Certification) का विकल्प दिखेगा। वहां 'New Registration' पर क्लिक करें।
- लॉगिन आईडी बनाएं: अपनी बेसिक जानकारी (नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल) डालकर एक यूजर आईडी और पासवर्ड बना लें। मोबाइल पर आए OTP से इसे वेरीफाई करें।
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दस्तावेज अपलोड करें:
आपको कुछ जरूरी कागजात स्कैन करके अपलोड करने होंगे:
- भूमि का स्वामित्व प्रमाण: (जैसे रजिस्ट्री की कॉपी या म्यूटेशन लेटर)।
- पहचान पत्र: (आधार कार्ड या पैन कार्ड)।
- साइट प्लान: एक साधारण स्केच जिसमें भूखंड का आकार और प्रस्तावित निर्माण की जानकारी हो।
- स्व-घोषणा पत्र (Self-Declaration): पोर्टल पर एक चेकबॉक्स या फॉर्म होगा जहाँ आपको यह स्वीकार करना होगा कि आपका निर्माण 'बिल्डिंग बायलाज 2025' के मानकों (जैसे सेटबैक, ऊंचाई आदि) के अनुसार ही है।
- टोकन शुल्क का भुगतान: पंजीकरण पूरा करने के लिए आपको 1 रुपये का टोकन शुल्क ऑनलाइन (Net Banking/UPI/Card) जमा करना होगा। ध्यान रहे, अन्य विकास शुल्क पोर्टल पर गणना के अनुसार अलग से दिख सकते हैं।
- पावती (Acknowledgment) प्राप्त करें: भुगतान सफल होने के बाद, आपको एक पंजीकरण संख्या और सर्टिफिकेट मिल जाएगा। इसे डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें। यही आपके निर्माण की कानूनी अनुमति मानी जाएगी।
कुछ जरूरी बातें जो आपको ध्यान रखनी चाहिए:
- निरीक्षण: हालांकि आपको नक्शा पास कराने के लिए दफ्तर नहीं जाना है, लेकिन प्राधिकरण के अधिकारी कभी भी निर्माण स्थल पर आकर यह चेक कर सकते हैं कि आप मानकों का उल्लंघन तो नहीं कर रहे।
- सड़क की चौड़ाई: सुनिश्चित करें कि आपका निर्माण सड़क की निर्धारित चौड़ाई के नियमों को बाधित न करे।
- समय सीमा: पंजीकरण के बाद एक निश्चित समय सीमा के भीतर निर्माण शुरू करना अनिवार्य होता है।


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