प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। शिक्षा निदेशालय (बेसिक) ने प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों और सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापकों को खण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) के पद पर पदोन्नत करने की कार्यवाही तेज कर दी है।
कोर्ट के आदेश के बाद निदेशालय सख्त
हाल ही में शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी एक पत्र के अनुसार, यह कदम माननीय उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ में दायर विभिन्न याचिकाओं (अनिल वाजपेयी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य) में पारित आदेशों के अनुपालन में उठाया गया है। कोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए विभाग अब इस प्रक्रिया में कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता।
क्या है मुख्य अपडेट?
अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) की ओर से समस्त मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशकों को निर्देशित किया गया है कि:
- पात्रता सूची (Eligibility List): पदोन्नति के लिए योग्य प्रधानाध्यापकों की सूची तैयार करने हेतु आवश्यक डेटा तुरंत उपलब्ध कराया जाए।
- सेवा पुस्तिका (Service Book): संबंधित शिक्षकों की सेवा पुस्तिका की प्रमाणित छाया प्रति संलग्न करना अनिवार्य है।
- अंतिम चेतावनी: इससे पहले 23 जनवरी 2026 को भी डेटा माँगा गया था, लेकिन सूचना अप्राप्त होने के कारण अब निदेशालय ने 'सर्वोच्च प्राथमिकता' के आधार पर तत्काल जानकारी भेजने का आदेश दिया है।
पदोन्नति से विभाग को क्या होगा लाभ?
वर्तमान में प्रदेश के कई विकास खंडों में खण्ड शिक्षा अधिकारियों के पद रिक्त चल रहे हैं। प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति से न केवल शिक्षकों को करियर में ग्रोथ मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी सुगमता आएगी।
निदेशालय के इस सख्त आदेश से स्पष्ट है कि विभाग जल्द से जल्द पात्रता सूची को अंतिम रूप देकर कोर्ट को अवगत कराना चाहता है। यदि मण्डलीय कार्यालय समय पर सूचना भेज देते हैं, तो आने वाले कुछ महीनों में बेसिक शिक्षा विभाग को बड़ी संख्या में नए खण्ड शिक्षा अधिकारी मिल सकते हैं।






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