चंदौली। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) चंदौली द्वारा शिक्षकों के समायोजन (Adjustment) से जुड़े मामले में नया आदेश जारी किया गया है। यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने शिक्षकों को अपनी आपत्तियां/प्रतिवेदन (Representation/Objection) प्रस्तुत करने का अवसर देने के निर्देश दिए हैं।
शासन के आदेश और शिक्षा निदेशक (बेसिक) के निर्देशों के आधार पर जिले में शिक्षक–छात्र अनुपात (Pupil Teacher Ratio) को संतुलित करने के लिए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों का समायोजन किया गया था।
हालांकि कुछ शिक्षकों ने नए विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण नहीं किया और इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में ज्योति प्रकाश व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य (Writ-A No. 1080/2026) मामले की सुनवाई के दौरान माननीय न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की पीठ ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता अपने-अपने मामले में एक सप्ताह के भीतर जिला स्तरीय समिति के समक्ष विस्तृत प्रतिवेदन/आपत्ति प्रस्तुत करें। समिति संबंधित नियमों और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के अनुसार जांच कर निर्णय लेगी।
साथ ही कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि अंतिम निर्णय आने तक यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखी जाएगी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंदौली ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि याचिकाकर्ता शिक्षकों को सूचित किया जाए।
आदेश में कहा गया है कि शिक्षक 3 दिनों के भीतर जिला स्तरीय समिति के समक्ष अपना प्रतिवेदन/आपत्ति प्रस्तुत करें, ताकि हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप आगे की कार्रवाई पूरी की जा सके।
जिला स्तरीय समिति करेगी जांच
जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति शिक्षकों द्वारा दी गई आपत्तियों की जांच करेगी।
समिति शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, लागू नियमों और शासनादेशों के आधार पर एक माह के भीतर कारण सहित अंतिम निर्णय पारित करेगी।



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