लखनऊ/गोंडा। देश की आगामी जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। इस राष्ट्रीय कार्य को संपन्न कराने की मुख्य जिम्मेदारी एक बार फिर शिक्षकों के कंधों पर होगी। हालिया निर्देशों के अनुसार, जनगणना की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी और इसके लिए शिक्षकों को विशेष मानदेय (Honorarium) भी दिया जाएगा।
दो चरणों में पूरा होगा जनगणना का कार्य
जनगणना 2027 की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रखने के लिए इसे दो मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है:
- प्रथम चरण (HLO - 2026): इसमें 'हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन' यानी घरों की गिनती का कार्य वर्ष 2026 में किया जाएगा।
- द्वितीय चरण (PE - 2027): इसमें 'पापुलेशन एन्यूमरेशन' यानी वास्तविक जन गणना (लोगों की गिनती) वर्ष 2027 में संपन्न होगी।
डिजिटल होगा सर्वे: मोबाइल ऐप का होगा इस्तेमाल
पुरानी व्यवस्था के विपरीत, इस बार डेटा कलेक्शन पूरी तरह हाई-टेक होगा। ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों को घर-घर जाकर सर्वे करना होगा और सारा डेटा निर्धारित Mobile App में रियल-टाइम फीड करना होगा।
मानदेय (Honorarium) का पूरा विवरण
सरकार ने इस कार्य के लिए शिक्षकों के लिए आकर्षक मानदेय निर्धारित किया है। कुल कार्य पूरा करने पर एक शिक्षक को ₹25,000 तक का भुगतान किया जाएगा, जिसका विवरण इस प्रकार है:
- HLO (घर-घर जाकर घरों की गिनती): इस कार्य के लिए ₹9,000 दिए जाएंगे।
- PE (लोगों की वास्तविक गिनती): इस चरण के लिए ₹16,000 का मानदेय निर्धारित है।
- कुल मानदेय: दोनों चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने पर कुल ₹25,000 मिलेंगे।
- ट्रेनिंग भत्ता: प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन ₹600 (जिसमें ₹200 भोजन भत्ता शामिल है) दिए जाएंगे।
प्रशिक्षण और महत्वपूर्ण शर्तें
- अनिवार्य ट्रेनिंग: ड्यूटी शुरू करने से पहले प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। जो शिक्षक ट्रेनिंग में शामिल नहीं होंगे, उन्हें ड्यूटी पर नहीं रखा जाएगा।
- कार्य आधारित भुगतान: स्पष्ट निर्देश हैं कि यदि काम अधूरा रहता है, तो मानदेय का भुगतान नहीं किया जाएगा।
- अतिरिक्त भत्ता: इस कार्य के लिए अलग से कोई यात्रा भत्ता (TA) या दैनिक भत्ता (DA) देय नहीं होगा।
जिम्मेदारी और निष्ठा जरूरी
चूंकि यह एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, इसलिए सभी संबंधित शिक्षकों को इसे पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। डिजिटल डेटा फीडिंग में शुद्धता का विशेष ध्यान रखना होगा।



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