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डेबिट कार्ड पर मिलता है ₹10 लाख तक का मुफ्त बीमा: जानें क्लेम करने का तरीका और जरूरी दस्तावेज

Sir Ji Ki Pathshala

नई दिल्ली/डेस्क: अधिकतर लोग अपने डेबिट कार्ड (ATM कार्ड) का उपयोग केवल कैश निकालने या शॉपिंग के लिए करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी जेब में रखा यह छोटा सा कार्ड आपको लाखों रुपये का मुफ्त दुर्घटना बीमा (Accidental Insurance) भी प्रदान करता है? बैंक अपने ग्राहकों को मानार्थ (Complimentary) सेवा के रूप में यह सुरक्षा कवच देते हैं, जिसके लिए आपको कोई अलग से प्रीमियम नहीं भरना पड़ता।

Debit Card Benefits in Hindi

​कार्ड के प्रकार और मिलने वाली बीमा राशि

​बीमा की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस श्रेणी का कार्ड इस्तेमाल कर रहे हैं। सामान्य तौर पर यह सीमा ₹50,000 से लेकर ₹10 लाख तक हो सकती है:

  • क्लासिक/सामान्य कार्ड: लगभग ₹1 लाख तक का कवर।
  • प्लेटिनम/विजा कार्ड: ₹2 लाख से ₹5 लाख तक की सुरक्षा।
  • रुपे (RuPay) कार्ड: ₹2 लाख तक का कवर (जनधन खातों पर भी लागू)।
  • प्रीमियम कार्ड्स: कुछ विशेष मामलों में ₹10 लाख तक की सहायता।

​बीमा सक्रिय रखने की सबसे जरूरी शर्त

​यह बीमा कवर तभी मान्य होता है जब आपका कार्ड 'सक्रिय' (Active) हो। विशेषज्ञों के अनुसार, दुर्घटना की तारीख से पिछले 30 से 90 दिनों के भीतर कार्ड से कम से कम एक सफल लेनदेन (जैसे एटीएम से निकासी, ऑनलाइन शॉपिंग या बिल भुगतान) होना अनिवार्य है। यदि कार्ड लंबे समय से उपयोग नहीं किया गया है, तो बीमा का लाभ नहीं मिल पाएगा।

​क्लेम (दावा) के लिए आवश्यक दस्तावेज

​दुर्घटना की स्थिति में नॉमिनी (नामांकित व्यक्ति) को निम्नलिखित दस्तावेज बैंक में जमा करने होते हैं:

  1. भरा हुआ क्लेम फॉर्म: बैंक शाखा से प्राप्त आवेदन पत्र।
  2. मृत्यु प्रमाण पत्र: मूल प्रति (Original Death Certificate)।
  3. पुलिस रिपोर्ट: एफआईआर (FIR) या पंचनामा की कॉपी।
  4. पोस्टर्माटम रिपोर्ट: मृत्यु के कारण की पुष्टि के लिए।
  5. बैंक स्टेटमेंट: पिछले 3 महीनों का रिकॉर्ड, जो कार्ड की सक्रियता साबित करे।
  6. केवाईसी दस्तावेज: नॉमिनी का आधार कार्ड, पैन कार्ड और कैंसल्ड चेक।
  7. ड्राइविंग लाइसेंस: यदि मृतक स्वयं वाहन चला रहा था।

​क्लेम करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया

  • बैंक को सूचना: किसी भी अनहोनी की स्थिति में 30 से 60 दिनों के भीतर संबंधित बैंक शाखा को सूचित करें।
  • दस्तावेज संकलन: ऊपर बताए गए सभी जरूरी कागजात और अस्पताल की रिपोर्ट एकत्र करें।
  • अनुवाद और नोटरी: यदि दस्तावेज स्थानीय भाषा में हैं, तो उनका हिंदी या अंग्रेजी अनुवाद करवाकर नोटरी करवाना पड़ सकता है।
  • जमा करना: सभी दस्तावेजों के साथ क्लेम फॉर्म को बैंक में जमा करें और पावती (Receipt) जरूर लें।
महत्वपूर्ण सलाह: चूँकि यह एक 'ग्रुप इंश्योरेंस' होता है, इसलिए आपको कोई व्यक्तिगत पॉलिसी नंबर नहीं मिलता। आपका डेबिट कार्ड नंबर ही आपकी पहचान है। आज ही अपने बैंक की वेबसाइट या शाखा जाकर पता करें कि आपके कार्ड पर कितनी बीमा राशि उपलब्ध है।

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