बरेली। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के विरोध में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों ने शनिवार को मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के बैनर तले शिक्षकों ने सरकार से इस निर्णय को वापस लेने की मांग की।
यूटा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर की मौजूदगी और जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में यह मशाल जुलूस शील चौराहे से शुरू होकर राजेंद्र नगर होते हुए सलेक्शन प्वाइंट तक निकाला गया। इस दौरान शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपने विरोध को दर्ज कराया।
प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता। उन्होंने कहा कि जो शिक्षक वर्षों से बेसिक शिक्षा को मजबूत करने में लगे हैं, उनकी योग्यता को अब किसी परीक्षा की कसौटी पर कसना उनके साथ अन्याय है।
यूटा ने सरकार से मांग की है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से तुरंत मुक्त किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में प्राथमिक शिक्षक संघ, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ और महिला शिक्षक संघ सहित कई शिक्षक संगठनों ने समर्थन दिया।
मशाल जुलूस में विनोद शर्मा, केसी पटेल, जितेंद्र पाल सिंह, तेजपाल मौर्य, हरीश बाबू, हेमंत कुमार, राज पल्याल, डॉ. योगेश शर्मा और सत्येंद्र पाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।


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