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मृतक आश्रितों को अब 3 महीने में मिलेगी नौकरी, मुख्य सचिव ने जारी किए कड़े निर्देश

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी सेवा के दौरान दम तोड़ने वाले कर्मचारियों के परिवारों के हित में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने अब अनुकंपा के आधार पर दी जाने वाली नियुक्तियों के लिए 3 महीने की समय-सीमा निर्धारित कर दी है। मुख्य सचिव ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि मृतक आश्रितों के आवेदनों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।

UP Mritak Ashrit Job New Order

देरी पर शासन सख्त: 12-13 साल पुराने मामले लंबित

​शासन के संज्ञान में आया है कि 'उत्तर प्रदेश सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की भर्ती नियमावली-1974' का पालन सही ढंग से नहीं हो रहा है। कई विभागों में मृतक आश्रितों की नियुक्ति के मामले 12 से 13 वर्षों से लंबित पड़े हैं। इस अनावश्यक देरी के कारण पीड़ित परिवारों को गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

शासनादेश की मुख्य बातें

​मुख्य सचिव द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों में निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया है:

  • समयबद्ध निस्तारण: आवेदन प्राप्त होने के अधिकतम 90 दिनों (3 माह) के भीतर पूरी पारदर्शिता के साथ नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
  • नियमावली का मूल उद्देश्य: इस व्यवस्था का लक्ष्य परिवार पर आए अचानक आर्थिक संकट को दूर करना है, जिसे देरी करके विफल नहीं किया जा सकता।
  • आवेदन की समय-सीमा: नियमावली के अनुसार, मृत्यु के 5 वर्ष तक आवेदन स्थानीय स्तर पर स्वीकार किए जाते हैं। 5 वर्ष के बाद के मामलों के लिए शासन से अनुमति लेना अनिवार्य है।
"भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नियमावली की मूल भावना के विरुद्ध है। सभी विभागाध्यक्ष सुनिश्चित करें कि पात्र आश्रितों को समय से लाभ मिले।" — मुख्य सचिव 

​इस नए आदेश से उन हजारों परिवारों को उम्मीद जगी है जो वर्षों से फाइलों के चक्कर काट रहे थे। अब विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी होगी कि वे पात्रता की जांच कर तय समय के भीतर नियुक्ति पत्र जारी करें।

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