आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 की आखिरी तिमाही के लिए करदाताओं को महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। यदि आपकी कमाई सिर्फ सैलरी तक सीमित नहीं है, तो 15 मार्च 2026 की तारीख आपके कैलेंडर में मार्क होनी चाहिए। इस समय सीमा तक एडवांस टैक्स जमा न करने पर आपको भारी ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है।
आयकर नियमों के अनुसार, जिन करदाताओं की अनुमानित टैक्स देनदारी (Tax Liability) ₹10,000 से अधिक है, उन्हें किस्तों में एडवांस टैक्स देना होता है। 15 मार्च इस वित्त वर्ष की चौथी और अंतिम किस्त जमा करने की आखिरी तारीख है।
🔍 कौन-कौन है इस दायरे में?
अक्सर लोग समझते हैं कि TDS कटने के बाद उन्हें कुछ करने की जरूरत नहीं है, लेकिन निम्नलिखित आय स्रोतों पर आपको खुद सक्रिय होकर टैक्स देना होगा:
- शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड: ट्रेडिंग या निवेश से होने वाला मुनाफा।
- डिजिटल एसेट्स: क्रिप्टोकरेंसी और NFT से होने वाली आय।
- अचानक हुई कमाई: ऑनलाइन गेमिंग, लॉटरी या घुड़दौड़ में जीत।
- प्रॉपर्टी: मकान या जमीन बेचने से होने वाला कैपिटल गेन।
- अन्य: बैंक एफडी का ब्याज या रेंट से होने वाली अतिरिक्त आय।
💸 देरी की कीमत: 1% का 'पैनल इंटरेस्ट'
यदि आप 15 मार्च तक अपनी टैक्स देनदारी का भुगतान नहीं करते हैं, तो आयकर अधिनियम की धारा 234B और 234C के तहत दंड लगाया जाता है।
- जुर्माना: बकाया राशि पर 1% प्रति माह की दर से साधारण ब्याज।
- अवधि: यह ब्याज तब तक लागू रहता है जब तक आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल नहीं कर देते।
✅ करदाताओं के लिए चेकलिस्ट
- आय का आकलन: पूरे साल की संभावित आय (सभी स्रोतों से) का हिसाब लगाएं।
- टैक्स गणना: अपनी टैक्स स्लैब के अनुसार देनदारी निकालें।
- चालान जमा करें: आयकर विभाग के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान करें।
- विशेषज्ञ की सलाह: यदि गणना जटिल लग रही हो, तो चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की मदद लेने में संकोच न करें।


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