प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के राजकीय माध्यमिक स्कूलों में एलटी (LT) ग्रेड शिक्षक भर्ती में TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को लेकर चल रहा विवाद आज अपने निर्णायक मोड़ पर है। इलाहाबाद हाईकोर्ट आज, 26 फरवरी को इस महत्वपूर्ण मामले पर अपना आदेश सुनाने जा रहा है।
आज के फैसले पर टिकी हैं सबकी नजरें
राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए होने वाली एलटी ग्रेड भर्ती में पात्रता के मानकों को लेकर लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी। हाईकोर्ट का आज का निर्णय यह तय करेगा कि क्या भविष्य में इन स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए बी.एड. के साथ-साथ माध्यमिक स्तर का TET उत्तीर्ण करना भी अनिवार्य होगा।
भर्ती प्रक्रिया पर क्या होगा असर?
- योग्यता के मानक: यदि कोर्ट TET को अनिवार्य करने का आदेश देता है, तो केवल बी.एड. डिग्री धारक अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पाएंगे। उन्हें पहले संबंधित विषय का TET पास करना होगा।
- नई भर्तियों का रास्ता: एलटी ग्रेड के हजारों पदों पर विज्ञापन इस निर्णय की वजह से रुके हुए थे। आज के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग नई भर्ती का विज्ञापन जारी कर सकेगा।
- लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य: इस निर्णय का सीधा असर उन लाखों प्रतियोगी छात्रों पर पड़ेगा जो पिछले कई वर्षों से राजकीय स्कूलों में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं।
NCTE के नियमों का प्रभाव
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने कक्षा 9 से 12 तक के शिक्षकों के लिए भी पात्रता परीक्षा को अनिवार्य करने के निर्देश दिए थे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि माननीय उच्च न्यायालय इन दिशा-निर्देशों को वर्तमान और भविष्य की भर्तियों पर किस प्रकार लागू करता है।
अद्यतन (Update): कोर्ट की कार्यवाही शुरू होते ही जैसे ही अंतिम आदेश की प्रति उपलब्ध होगी, पात्रता की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
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