उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में प्रदेशवासियों के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार समाज के हर वर्ग, विशेषकर जमीनी स्तर पर काम करने वाले मानदेय कर्मियों और वंचितों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
इन वर्गों के मानदेय और पेंशन में होगी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने सदन में घोषणा की कि जल्द ही आंगनबाड़ी और आशा वर्करों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाएगी। इसके अलावा, सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी, निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन, दिव्यांगजन सामाजिक पेंशन वर्गों की पेंशन बढ़ाने का भी आश्वासन दिया। वर्तमान में प्रदेश के लगभग 1 करोड़ 6 लाख लोग इन पेंशन योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, जिनके जीवन स्तर में इस फैसले से सुधार आएगा।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए भी अच्छी खबर
विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उनके लिए भी सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
कैशलेस इलाज की सौगात
मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और रसोइयों को भी 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। इस योजना का लाभ आगामी 1 अप्रैल से मिलना शुरू हो जाएगा।
विपक्ष पर तीखा हमला: 'समस्या से समाधान' तक का सफर
लगभग 1 घंटा 33 मिनट के अपने संबोधन में सीएम योगी ने सपा और कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने विपक्ष द्वारा राज्यपाल के प्रति किए गए व्यवहार को "अशोभनीय" करार दिया। सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा:
"पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपराध और अव्यवस्था से निकलकर अनुशासन की यात्रा तय की है। आज प्रदेश कर्फ्यू से कानून के राज और उपद्रव से उत्सव की ओर बढ़ चुका है।"
मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के संकुचित एजेंडे के कारण प्रदेश की 25 करोड़ जनता के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था, जिसे वर्तमान सरकार ने आत्मविश्वास में बदल दिया है।


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