पंचकूला: हरियाणा शिक्षा विभाग ने प्राथमिक शिक्षकों (PRT) के लिए एक महत्वपूर्ण और कड़ा आदेश जारी किया है। निदेशक मौलिक शिक्षा, हरियाणा द्वारा जारी इस नए निर्देश के अनुसार, जिन शिक्षकों का चयन विज्ञापन संख्या 2/2012 के तहत 'अनुभव' (Experience) के आधार पर हुआ था, उन्हें अब अपनी सेवा जारी रखने के लिए एक निश्चित समय सीमा के भीतर HTET (Haryana Teacher Eligibility Test) पास करना होगा।
क्या है पूरा मामला?
विभाग द्वारा जारी मेमो नंबर 20/3-2022 PRT(ART) के अनुसार, साल 2012 के विज्ञापन के तहत उन उम्मीदवारों को शिक्षक पद पर नियुक्त किया गया था जिनके पास चार साल का शिक्षण अनुभव था। नियुक्ति की शर्तों के अनुसार, इन शिक्षकों को 1 अप्रैल 2015 तक HTET परीक्षा पास करनी थी। बाद में, अप्रैल 2017 में एक अन्य पत्र के माध्यम से सूचित किया गया था कि इनके लिए भविष्य में एक अलग अधिसूचना जारी की जाएगी।
सरकार का नया फैसला: 'पास करो या नौकरी छोड़ो'
अब राज्य सरकार ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए अंतिम समय सीमा (Timeline) निर्धारित कर दी है। आदेश के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- अंतिम अवसर: जिन शिक्षकों ने अभी तक HTET परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है, उन्हें मार्च 2027 तक का समय दिया गया है।
- सेवा समाप्ति की चेतावनी: यदि कोई शिक्षक निर्धारित समय (मार्च 2027) तक HTET परीक्षा पास करने में विफल रहता है, तो उसकी सेवाएँ बिना किसी पूर्व सूचना के समाप्त (Terminate) कर दी जाएंगी।
- अनुपालन: यह आदेश सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को भेज दिया गया है ताकि वे संबंधित शिक्षकों को इस शर्त से अवगत करा सकें।
शिक्षकों पर प्रभाव
इस आदेश से उन सैकड़ों शिक्षकों में हड़कंप मच गया है जो पिछले कई वर्षों से बिना HTET के अपनी सेवाएँ दे रहे थे। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि योग्यता मानकों के साथ अब कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शिक्षकों के पास अब अपनी नौकरी बचाने के लिए आगामी HTET परीक्षाओं में सफल होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।


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