यूपी विधानसभा में गूँजा रोजगार का मुद्दा: सरकार ने गिनाईं 8.50 लाख नियुक्तियाँ
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मौजूदा सत्र के दौरान सोमवार को रोजगार और आरक्षण के मुद्दे पर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए राज्य सरकार ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अब तक 8.50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
निजी क्षेत्र और महिलाओं के लिए विशेष पहल
मंत्री ने सरकार के भविष्य के रोडमैप पर चर्चा करते हुए बताया कि केवल सरकारी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र में भी युवाओं को अवसर प्रदान करने के लिए व्यापक स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है।
- पिंक रोजगार मेला: महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार विशेष रूप से महिलाओं के लिए 'पिंक रोजगार मेलों' का आयोजन करेगी।
- कौशल विकास: युवाओं को बाजार की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
विपक्ष पर कड़ा प्रहार
सदन में चर्चा के दौरान अनिल राजभर ने विपक्षी दलों पर 'घड़ियाली आंसू' बहाने का आरोप लगाया। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा:
"जब सदन की कार्यवाही चलती है, तब विपक्ष युवाओं को ढाल बनाकर राजनीति करता है। पिछली सरकारों के दौरान सरकारी नौकरियों में 82 प्रतिशत अवसर केवल 'खास' लोगों को दिए गए और ओबीसी आरक्षण का लाभ आम जनता तक पहुँचने के बजाय चुनिंदा लोगों तक सीमित रहा।"
सरकार ने स्पष्ट किया कि यूपी की विशाल आबादी की चुनौतियों के बावजूद, वर्तमान प्रशासन रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


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