उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल रेडीनेस फेज-1 (5–6 वर्ष) कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य परियोजना कार्यालय के पत्रांक संख्या 8483 के अनुपालन में, अब समस्त को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं के लिए विशेष DIKSHA कोर्स लाइव कर दिया गया है।
इस कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य 5 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को प्राथमिक विद्यालय के वातावरण के लिए तैयार करना है। 'स्कूल रेडीनेस' के माध्यम से बच्चों में संज्ञानात्मक, भाषाई और सामाजिक कौशल का विकास किया जाता है ताकि वे कक्षा 1 में प्रवेश के समय पूरी तरह सहज और तैयार रहें।
किन्हें पूर्ण करना है यह कोर्स?
यह प्रशिक्षण केवल शिक्षकों तक सीमित नहीं है, बल्कि शैक्षिक ढांचे के विभिन्न स्तरों पर कार्यरत निम्नलिखित अधिकारियों और शिक्षकों के लिए अनिवार्य है:
- ECCE एड्युकेटर्स (चयनित)
- नोडल अध्यापक एवं नोडल शिक्षक संकुल
- जिला समन्वयक (प्रशिक्षण एवं निपुण भारत मिशन)
- नोडल SRG (State Resource Group)
- DIET मेंटर्स
समय-सीमा और तकनीकी बदलाव
विशेष ध्यातव्य है कि पूर्व में इस कोर्स की अंतिम तिथि काफी लंबी (15.02.2028) निर्धारित थी। किंतु, तकनीकी कारणों और कार्यक्रम की तात्कालिकता को देखते हुए विभाग ने इसे संशोधित कर 28 फरवरी 2026 कर दिया है।
महत्वपूर्ण नोट: सभी संबंधित कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे 28 फरवरी 2026 तक हर हाल में अपना प्रशिक्षण पूर्ण कर लें।
प्रमाणन और पहुँच (How to Access)
कोर्स को सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को DIKSHA पोर्टल के माध्यम से डिजिटल प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने के लिए प्रतिभागी नीचे दिए गए आधिकारिक लिंक का उपयोग कर सकते हैं:
📲 कोर्स लिंक: यहाँ क्लिक करें (DIKSHA Portal)
अपर परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा (उत्तर प्रदेश) की ओर से जारी इस आदेश का उद्देश्य प्रदेश के नौनिहालों की नींव को मजबूत करना है। समय से कोर्स पूर्ण करना न केवल विभागीय अनुपालन है, बल्कि यह भविष्य के 'निपुण' छात्रों को तैयार करने की दिशा में एक बड़ा निवेश है।


Social Plugin