लखनऊ: उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग में 'मिशन कर्मयोगी' अभियान को लेकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग के लगभग 1,20,000 अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा पोर्टल पर एक भी कोर्स न किए जाने को शासन ने गंभीरता से लिया है। इसे लेकर सभी जनपदीय एम.डी.ओ. और नोडल अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
इनएक्टिव कर्मियों की सूची में 'गुरुजी' सबसे आगे
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, डिजिटल लर्निंग से दूरी बनाने वालों में सबसे बड़ी संख्या शिक्षकों की है। विभाग द्वारा जारी डेटा के अनुसार:
- अध्यापक: 67,130
- शिक्षा मित्र: 17,825
- प्रधानाध्यापक: 16,084
- अनुदेशक: 2,685
- अन्य: चपरासी (1738), बी.ई.ओ. (141) और लिपिक वर्गीय कर्मचारी भी इस सूची में शामिल हैं।
AI कोर्स करना अब अनिवार्य
शासन स्तर से हो रही नियमित समीक्षा के बाद, महानिदेशक ने स्पष्ट आदेश दिया है कि सूची में शामिल सभी कर्मियों को तत्काल सक्रिय किया जाए। नए निर्देशों के तहत प्रत्येक कर्मचारी को:
- न्यूनतम 03 कोर्स पूरा करना अनिवार्य होगा।
- इन तीन कोर्स में से 01 कोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संबंधित होना आवश्यक है।
शिक्षकों के लिए उपलब्ध प्रशिक्षण कोर्स (लिंक सहित)
शिक्षक नीचे दिए गए कोर्स में से कोई भी 3 कोर्स अपने स्तर से पूर्ण कर सकते हैं। इन तीन कोर्स में से 01 कोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संबंधित होना आवश्यक है।
1. समावेशी शिक्षा
https://portal.igotkarmayogi.gov.in/app/toc/do_1144504750203944961707/overview
https://portal.igotkarmayogi.gov.in/app/toc/do_1144463193843712001555/overview


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