लखनऊ: बुजुर्गों के सम्मान और नारी शक्ति के सशक्तिकरण की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य की 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को रोडवेज की बसों में यात्रा करने के लिए एक भी पैसा खर्च नहीं करना होगा। सरकार के इस निर्णय से लाखों वरिष्ठ नागरिकों को सीधी राहत मिलेगी।
सम्मान के साथ सफर
अक्सर आर्थिक तंगी या दूसरों पर निर्भरता के कारण बुजुर्ग महिलाएं घर से बाहर निकलने या धार्मिक स्थलों की यात्रा करने में संकोच करती थीं। इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य बुजुर्ग महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- पात्रता: 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की सभी महिलाएं।
- सुविधा: राज्य सड़क परिवहन निगम (Roadways) की साधारण और एक्सप्रेस बसों में शत-प्रतिशत छूट।
- दस्तावेज: यात्रा के दौरान आयु प्रमाण पत्र के रूप में आधार कार्ड, वोटर आईडी या पैन कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा।
- स्मार्ट कार्ड: सरकार जल्द ही इसके लिए विशेष 'फ्री पास' या 'स्मार्ट कार्ड' जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
कैसे उठाएं इस सुविधा का लाभ?
वर्तमान में, महिलाएं अपने आधार कार्ड को दिखाकर कंडक्टर से 'जीरो वैल्यू' टिकट प्राप्त कर सकती हैं। आने वाले समय में, परिवहन विभाग एक ऑनलाइन पोर्टल भी लॉन्च करेगा जहाँ महिलाएं अपना पंजीकरण कराकर स्थायी बस पास बनवा सकेंगी।
सामाजिक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल बुजुर्ग महिलाओं की बचत होगी, बल्कि उनकी सुरक्षा और गतिशीलता में भी सुधार होगा। यह कदम उन महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो अकेले रहती हैं या जिन्हें इलाज के लिए अक्सर शहर जाना पड़ता है।
"बुजुर्ग हमारे समाज की नींव हैं। उन्हें मुफ्त यात्रा की सुविधा देना उनके प्रति हमारे सम्मान का प्रतीक है।" — परिवहन मंत्री


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