केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर जबरदस्त चर्चा है। व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दावा किया जा रहा है कि सरकार ने इसकी आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है और फिटमेंट फैक्टर को लेकर बड़े बदलाव होने वाले हैं। आइए, इन दावों की बारीकी से पड़ताल करते हैं।
📈 वायरल दावों का विश्लेषण
हालिया वायरल संदेशों में कुछ चौंकाने वाले आंकड़े और जानकारियां दी जा रही हैं:
- फिटमेंट फैक्टर: दावा है कि इसे 3.0 से बढ़ाकर 3.25 किया जा सकता है।
- वेतन में उछाल: लेवल-1 की बेसिक सैलरी ₹18,000 से सीधे ₹58,500 होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
- सालाना इंक्रीमेंट: इसे 3% से बढ़ाकर 5% करने की मांग की बात कही जा रही है।
- Aykroyd Formula: वेतन निर्धारण के लिए इस पुराने फॉर्मूले को आधार बनाने की चर्चा है, जो परिवार की बुनियादी जरूरतों (भोजन, कपड़ा, आवास) पर केंद्रित है।
🔍 क्या यह जानकारी आधिकारिक है? (Fact Check)
यहाँ आपको थोड़ा संभलने की जरूरत है। वर्तमान स्थिति के अनुसार:
- वेबसाइट का सच: सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के लिए किसी अलग आधिकारिक वेबसाइट के लॉन्च की पुष्टि अभी तक आधिकारिक सूत्रों (जैसे PIB या वित्त मंत्रालय) द्वारा नहीं की गई है। आमतौर पर वेतन आयोग की घोषणा कैबिनेट की मंजूरी के बाद होती है।
- MyGov पोर्टल और सुझाव: हालांकि MyGov के जरिए जनता से राय ली जाती है, लेकिन वेतन आयोग के विशिष्ट सुझावों के लिए 16 मार्च 2026 की समय सीमा का कोई आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन अभी तक सामने नहीं आया है।
- NC-JCM की बैठक: कर्मचारी संघ (JCM) लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन ₹58,500 की बेसिक सैलरी का आंकड़ा फिलहाल एक प्रस्ताव या अनुमान मात्र है, अंतिम फैसला नहीं।
🗓️ आगे क्या होने वाला है?
कर्मचारी संगठनों की नजरें 25 फरवरी 2026 की संभावित बैठक पर टिकी हैं। यदि सरकार और संगठनों के बीच सहमति बनती है, तो प्रक्रिया इस प्रकार बढ़ सकती है:
- आयोग का गठन: सरकार औपचारिक रूप से एक अध्यक्ष और टीम की घोषणा करेगी।
- सिफारिशें: आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने में आमतौर पर 18-24 महीने लगते हैं।
- लागू होने की तिथि: परंपरा के अनुसार, इसे 1 जनवरी 2026 से लागू माना जा सकता है, जिससे कर्मचारियों को एरियर (Arrears) का लाभ मिल सके।


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