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ब्रिज कोर्स 2026: परीक्षा पैटर्न, 500 अंक संरचना और पासिंग नियम

Sir Ji Ki Pathshala

ब्रिज कोर्स को लेकर कई शिक्षकों के मन में अनिश्चितता रहती है, जबकि इसकी संरचना पूरी तरह पारदर्शी और संतुलित है। यह कोई प्रतिस्पर्धी परीक्षा नहीं, बल्कि योग्यता प्रमाणित करने की प्रक्रिया है। यदि हम अंक-विभाजन और उत्तीर्ण मानकों को समझ लें, तो तैयारी सरल हो जाती है।

Bridge Course Exam Pattern and Passing Marks

📊 परीक्षा का अंक-विभाजन एक नज़र में

ब्रिज कोर्स का कुल पूर्णांक 500 अंक है, जिसे दो मुख्य भागों में बांटा गया है:

श्रेणी विषय संख्या कुल अंक आंतरिक बाह्य समय अवधि
मुख्य सैद्धांतिक विषय 02 200 (100+100) 50 (25+25) 150 (75+75) 3 घंटे
अन्य सैद्धांतिक विषय 04 200 (50×4) 100 (25×4) 100 (25×4) 1 घंटा
प्रैक्टिकल (विद्यालय अनुभव) 01 100 100
कुल महायोग 07 500 150 350

✅ उत्तीर्ण होने के आवश्यक मानक

    • प्रत्येक सैद्धांतिक विषय में न्यूनतम 40% अंक अनिवार्य
    • प्रैक्टिकल (विद्यालय अनुभव) में 50% अंक आवश्यक
    • कुल मिलाकर 50% (250/500) अंक लाना जरूरी

​💡 डरने की ज़रूरत क्यों नहीं है?

  1. सहज लक्ष्य: 500 में से 250 अंक लाना चुनौतीपूर्ण नहीं है। इसमें से 100 अंक 'विद्यालय अनुभव' (प्रैक्टिकल) के हैं, जो आपके अपने कार्यक्षेत्र और साथियों के समन्वय पर आधारित हैं।
  2. लिखित परीक्षा का कम भार: 250 अंकों की लिखित परीक्षा में आपको केवल 100 अंक (कुल मिलाकर) अर्जित करने हैं। विषयवार देखें तो बड़े विषयों में 30 और छोटे विषयों में मात्र 10 अंक पास होने के लिए चाहिए।
  3. भाषा की सुगमता: केवल द्वितीय भाषा का पेपर अलग होगा, बाकी सभी विषयों की परीक्षा आप अपनी हिंदी मातृभाषा में दे सकते हैं। अंग्रेजी की सामग्री का हिंदी अनुवाद भी सहयोग हेतु उपलब्ध रहेगा।
  4. आंतरिक मूल्यांकन: असाइनमेंट और प्रोजेक्ट वर्क समय पर पूर्ण करके आप एक सुरक्षित स्कोर पहले ही बना सकते हैं।

​🤝 आपसी सहयोग: सफलता की कुंजी

​यह कोई प्रतियोगी परीक्षा (Competitive Exam) नहीं है जहाँ हमें एक-दूसरे से आगे निकलना है। यहाँ हमारा उद्देश्य एक साथ मिलकर इस अर्हता को प्राप्त करना है। आपकी नियुक्ति सुरक्षित है, बस इस कोर्स को शालीनता से पूर्ण करना है।

"खुले मन से सूचनाओं और अध्ययन सामग्री का आदान-प्रदान करें। जब हम एक-दूसरे का हाथ पकड़कर चलते हैं, तो कठिन राह भी आसान हो जाती है।"

​अतः संयम बनाए रखें, धीरे-धीरे अध्ययन जारी रखें और समूह में एक-दूसरे की सहायता करते रहें। हम सब मिलकर इस ब्रिज कोर्स को निश्चित ही उत्तीर्ण करेंगे।


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