शिक्षा विभाग में 30 करोड़ का बड़ा घोटाला, 194 शिक्षकों से होगी रिकवरी
शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के भीतर एक बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। प्रोन्नति (Promotion) के नाम पर नियमों को ताक पर रखकर करीब 30 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 23 शिक्षकों को महज 33 दिनों के भीतर दो बार पदोन्नति का लाभ दे दिया गया।
हालांकि, शामली में अधिकारियों ने शिक्षा सचिव की अनुमति के बिना नियमों की गलत व्याख्या की और शिक्षकों को पिछली तारीखों से भारी-भरकम एरियर और बढ़ा हुआ वेतन जारी कर दिया।
जांच के मुख्य बिंदु:
- कुल घोटाला: 30 करोड़ रुपये से अधिक।
- प्रभावित शिक्षक: जिले के 194 शिक्षक जांच के घेरे में हैं।
- समय सीमा: यह हेराफेरी मुख्य रूप से वर्ष 2005 से मार्च 2018 के बीच की गई।
- दोहरा लाभ: 23 शिक्षकों को एक महीने के भीतर दो बार प्रमोशन देकर नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं।
- अवैध भुगतान: 194 शिक्षकों को पिछले आठ वर्षों से हर साल लगभग पौने तीन करोड़ रुपये का अतिरिक्त वेतन दिया जा रहा था। साथ ही, 11 करोड़ रुपये का एरियर भी नियम विरुद्ध बांटा गया।
रिकवरी के आदेश
वित्त एवं लेखाधिकारी (AO) की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद, रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को सौंप दी गई है। बीएसए लता राठौर ने पुष्टि की है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए गए 194 शिक्षकों से अतिरिक्त भुगतान की रिकवरी (वसूली) करने की संस्तुति की गई है।
"जांच में स्पष्ट हुआ है कि नियमों को दरकिनार कर शिक्षकों को आर्थिक लाभ पहुँचाया गया। अब विभाग इन सभी से अतिरिक्त धन की वसूली की प्रक्रिया शुरू करेगा।"



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