Type Here to Get Search Results !

NCERT विवाद, न्यायपालिका और सत्ता पर तीखी टिप्पणी — हिमांशु राणा

Sir Ji Ki Pathshala

कक्षा 8 की किताब में corruption in judiciary करके कुछ लिखा गया है और उसमें मेंशन है कि कैसे केस pending हैं और collegium system में क्या ख़ामियाँ हैं, जिसको लेकर कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने CJI के कोर्ट में मुक़दमा मेंशन किया कि ये सब क्या है? जिस पर CJI ने suo moto की बात कही है और फिलहाल NCERT ने वो chapter किताब से pullout कर लिया है।

हमारे यहाँ तीन स्तंभ हैं—विद्यायिका जो क़ानून बनाएगी, कार्यपालिका जो क़ानून को लागू करेगी और judiciary जो कि watchdog है दोनों का। बाक़ी चौथा स्तंभ मीडिया तो 2014 के बाद पैरों में पड़ा ही है।

NCERT Book Controversy: CJI, Collegium और NJAC पर घमासान

इस व्यक्ति की एक ख़ासियत है, जब कोई इसके विरुद्ध होने लगे तो ये बाँटने लगता है। बहुत जिम्मेदारी से कह रहा हूँ judiciary में भी सबकुछ ठीक नहीं है, लेकिन इस बात को भी दरकिनार नहीं किया जा सकता कि judiciary को ठीक और ठोस बनाने के लिए वर्तमान सत्ता ने कुछ किया हो। NJAC लाए थे कि सबकुछ अपने नियंत्रण में रहे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट को समझ आ गया और उसको struck down कर दिया गया।

अगर corruption पर ही ये पढ़ाना चाहते हैं तो मैं नेताओं या judiciary से पहले अधिकारियों की जाँच चाहता हूँ, क्योंकि उनकी जाँच हो गई न तो सालों दबी files खुलेंगी और एक नेता नहीं बचेगा, भाग जाएगा विदेश। हमेशा से कहता हूँ, एक चौथी पास नेता देश नहीं चला सकता है। वो अपना vision बताता है इन अधिकारियों को और उसी vision के अनुसार नीतियाँ लाई जाती हैं।

बाक़ी गलती तो नेहरू की ही है। और बात रही इस chapter को include करने की तो ये पढ़ाया तो वैसे भी नहीं जाता, लेकिन महामानव ने बस एक संदेश दिया है कि सबकुछ मेरे अनुसार करो वरना अगला नंबर आप ही का है।

#rana