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एनपीएस (NPS) में बड़े बदलाव की तैयारी: सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा ज्यादा रिटर्न और निवेश के नए विकल्प

Sir Ji Ki Pathshala

नई दिल्ली: सरकारी कर्मचारियों के लिए अपने रिटायरमेंट कोष (Retirement Corpus) को और अधिक मजबूत बनाने का सुनहरा अवसर आने वाला है। पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) के तहत निवेश नियमों में लचीलापन लाने और इक्विटी (शेयर बाजार) की सीमा बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

National Pension Scheme Hindi News

इक्विटी निवेश सीमा में बढ़ोतरी की कवायद

​वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों के लिए इक्विटी में निवेश की सीमा 15% से बढ़ाकर 19% की जा चुकी है। अब इसे 25% तक ले जाने की योजना है। इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य घटती ब्याज दरों के बीच लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न सुनिश्चित करना है।

    • रिटर्न पर प्रभाव: शेयर बाजार में अधिक भागीदारी का सीधा मतलब है कि लंबी अवधि में चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) का लाभ मिलेगा, जिससे सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाली राशि में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।
    • चरणबद्ध बदलाव: PFRDA का मानना है कि यह बदलाव अचानक नहीं, बल्कि धीरे-धीरे किया जाएगा ताकि जोखिम को नियंत्रित रखा जा सके।

बदल रहा है निवेश का पोर्टफोलियो

​बाजार की स्थितियों को देखते हुए निवेश के तरीकों में भी बदलाव नजर आ रहा है:

  1. बॉन्ड से मोहभंग: सरकारी बॉन्ड की ब्याज दरें भविष्य में कम होने की संभावना के कारण कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश का अनुपात थोड़ा कम हुआ है।
  2. सरकारी प्रतिभूतियां: सरकारी प्रतिभूतियों (G-Sec) में निवेश का स्तर स्थिर बना हुआ है, जो पोर्टफोलियो को सुरक्षा प्रदान करता है।

वैकल्पिक निवेश: अब सोना और चांदी भी शामिल

​नियामक केवल इक्विटी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह निवेश के बास्केट को और अधिक विविधतापूर्ण (Diversified) बना रहा है:

    • AIF की एंट्री: इस वित्त वर्ष के अंत तक अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) में पहला निवेश संभव है। इसकी पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
    • गोल्ड और सिल्वर ETF: सुरक्षा और मुनाफे के संतुलन के लिए अब गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में भी निवेश की अनुमति दी गई है, हालांकि इसके लिए सख्त सीमाएं तय की गई हैं।
विशेषज्ञों की राय: जानकारों का मानना है कि इक्विटी और कमोडिटी (सोना-चांदी) जैसे विकल्पों के जुड़ने से एनपीएस अब केवल एक पारंपरिक पेंशन स्कीम न रहकर एक आधुनिक 'वेल्थ क्रिएटर' टूल बन रहा है।

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