नई दिल्ली/वाशिंगटन: दुनिया भर में छुट्टियों का कैलेंडर यह दर्शाता है कि कोई देश अपनी संस्कृति, धर्म और काम के बीच किस तरह संतुलन बनाता है। हाल ही में जारी एक वैश्विक इंडेक्स के अनुसार, वर्ष 2026 में छुट्टियों के मामले में भारत दुनिया के 190 देशों की सूची में सबसे ऊपर है।
अपनी अद्भुत सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता के कारण भारत 42 सार्वजनिक छुट्टियों के साथ पहले स्थान पर है। गौर करने वाली बात यह है कि दुनिया का औसत मात्र 13 छुट्टियाँ हैं, और अमेरिका जैसे विकसित देश भी इस वैश्विक औसत से नीचे हैं।
छुट्टियों की वैश्विक स्थिति (2026)
प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा जारी इस इंडेक्स में बताया गया है कि भारत के बाद नेपाल (35 छुट्टियाँ) दूसरे स्थान पर है। इसके बाद म्यांमार (30), ईरान (26) और श्रीलंका (25) का नंबर आता है।
इसके विपरीत, कुछ देशों में छुट्टियाँ बेहद सीमित रखी गई हैं। वियतनाम में केवल 6 अवकाश हैं, जो दुनिया में सबसे कम हैं। वहीं मेक्सिको में 8, ब्रिटेन में 10 और नीदरलैंड में मात्र 9 सार्वजनिक छुट्टियाँ दी जाती हैं।
भारत में क्यों हैं इतनी ज़्यादा छुट्टियाँ?
भारत की रैंकिंग इतनी ऊँची होने का मुख्य कारण यहाँ की धार्मिक विविधता है। भारत संभवतः दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जहाँ हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और जैन—सभी प्रमुख धर्मों के त्योहारों पर राष्ट्रीय या क्षेत्रीय अवकाश दिया जाता है।
केंद्र सरकार की लगभग 17 राजपत्रित (Gazetted) छुट्टियों के अलावा, विभिन्न राज्यों के अपने स्थानीय अवकाश होते हैं। जब इन सबको मिलाया जाता है, तो यह संख्या 42 के करीब पहुँच जाती है। इनमें राष्ट्रीय पर्व, धार्मिक त्योहार और सरकारी अवकाश प्रमुख रूप से शामिल हैं।
दुनिया भर में छुट्टियों के कुछ रोचक तथ्य
- न्यू ईयर डे: 1 जनवरी दुनिया में सबसे ज्यादा मनाई जाने वाली छुट्टी है, जो 169 देशों में आधिकारिक अवकाश के रूप में दर्ज है।
- स्वतंत्रता दिवस: दुनिया के 187 देशों में उनके अपने स्वतंत्रता दिवस या राष्ट्रीय दिवस पर अनिवार्य सार्वजनिक अवकाश रखा जाता है।
- प्रमुख धर्मों के पर्व: कम से कम 52 देशों में क्रिसमस और ईद के लिए सार्वजनिक अवकाश होते हैं, जिनमें से आधे से अधिक देश अफ्रीका में स्थित हैं।


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