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योगी सरकार का बड़ा फैसला, होली से पहले मिलेगा वेतन; 2, 3 और 4 मार्च को रहेगा होली का सार्वजनिक अवकाश

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों को होली का बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि त्योहार के मद्देनजर सभी कर्मचारियों का वेतन होली से पहले सुनिश्चित किया जाए। इसी के साथ, अवकाश की नई सूची और संपत्ति विवरण को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।

CM Yogi Adityanath meeting with officials regarding UP government employees salary and holidays.

होली से पहले वेतन भुगतान के सख्त निर्देश

​मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि केवल स्थायी कर्मचारी ही नहीं, बल्कि आउटसोर्सिंग, संविदाकर्मी और सफाईकर्मियों का वेतन भी होली से पहले हर हाल में दे दिया जाए। सीएम ने चेतावनी दी है कि वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

छुट्टियों का बदला गणित: 28 को काम, 3 मार्च को अवकाश

​त्योहारों के सीजन में सरकारी कार्यदिवसों और छुट्टियों में भी कुछ बदलाव किए गए हैं:

  • 28 फरवरी (शनिवार): इस दिन को 'कार्यदिवस' घोषित किया गया है।
  • होली अवकाश: प्रदेश में 2, 3 और 4 मार्च को होली का सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
  • ​मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से 3 मार्च को अवकाश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि कर्मचारी हर्षोल्लास के साथ त्योहार मना सकें।

संपत्ति का ब्योरा न देने वाले 47,816 कर्मियों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'

​जहाँ एक ओर वेतन की खुशखबरी है, वहीं लापरवाह कर्मचारियों के लिए बुरी खबर भी है। राज्य सरकार ने चल-अचल संपत्ति का विवरण न देने वाले 47,816 कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

मुख्य सचिव एसपी गोयल द्वारा जारी नए आदेश के मुख्य बिंदु:

  1. वेतन पर रोक: जिन कर्मचारियों ने 31 जनवरी 2026 तक अपनी संपत्ति का पोर्टल पर विवरण नहीं दिया था, उनका जनवरी का वेतन रोक लिया गया था।
  2. अंतिम अवसर: सरकार ने 26 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक विवरण अपलोड करने का आखिरी मौका दिया है। जो कर्मचारी इस दौरान ब्योरा देंगे, उन्हें ही जनवरी का वेतन मिल पाएगा।
  3. कठोर दंड के प्रावधान: निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी विवरण न देने वालों पर निम्नलिखित कार्रवाई होगी:
    • ​विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई।
    • ​वर्तमान चयन वर्ष में पदोन्नति (Promotion) पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
    • ​एसीपी (ACP) का लाभ रोक दिया जाएगा।
    • ​विदेश यात्रा या प्रतिनियुक्ति के लिए विजिलेंस क्लीयरेंस नहीं दी जाएगी।
योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कर्मचारियों के कल्याण के लिए संवेदनशील है, लेकिन पारदर्शिता और अनुशासन के मामले में कोई समझौता नहीं करेगी।