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समस्त परिषदीय विद्यालयों में बालिका शौचालय 100% क्रियाशील करने एवं यू-डायस व प्रेरणा पोर्टल पर फोटो अपलोड करने के सम्बन्ध में।

Sir Ji Ki Pathshala

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा का सख्त आदेश – यू-डायस व प्रेरणा पोर्टल पर फोटो अपलोड अनिवार्य

लखनऊ, 26 फरवरी 2026
बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित समस्त परिषदीय विद्यालयों में बालिका शौचालयों की शत-प्रतिशत उपलब्धता और क्रियाशीलता सुनिश्चित करने के लिए शासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, समग्र शिक्षा द्वारा जारी पत्र में सभी जिलाधिकारियों एवं जिला शिक्षा परियोजना समिति के अध्यक्षों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तक लक्ष्य पूरा करने का निर्देश

पत्र में उल्लेख किया गया है कि माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 27 दिसंबर 2025 को आयोजित मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में 8 मार्च 2026 (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस) तक सभी विद्यालयों में क्रियाशील बालिका शौचालय सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया था। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जनपद स्तर पर विशेष अभियान चलाकर यह लक्ष्य समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

7 दिवसीय अभियान चलाकर सुनिश्चित होगी उपलब्धता

शासन के निर्देशानुसार ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के अंतर्गत उपलब्ध निधियों का उपयोग करते हुए 7 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक परिषदीय विद्यालय में पृथक एवं सुरक्षित बालिका शौचालय की व्यवस्था, उसकी कार्यशीलता, नियमित उपयोग, स्वच्छता, जलापूर्ति तथा प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

यू-डायस और प्रेरणा पोर्टल पर अपडेट अनिवार्य

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर सभी विद्यालयों को बालिका शौचालय/मूत्रालय से संतृप्त कराएं। साथ ही यू-डायस (UDISE) एवं प्रेरणा पोर्टल पर अद्यतन सूचना और शौचालयों की फोटो अनिवार्य रूप से अपलोड कराई जाए। जिन विद्यालयों द्वारा अब तक सूचना या फोटो अपलोड नहीं की गई है, उन्हें तत्काल यह कार्य पूरा करने को कहा गया है।

पंचायत राज एवं शिक्षा विभाग की संयुक्त बैठक

निर्देश में यह भी कहा गया है कि पंचायत राज विभाग एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ तत्काल बैठक आयोजित कर समन्वित कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी विद्यालय में बालिका शौचालय की कमी न रहे।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बालिका शौचालय की उपलब्धता केवल निर्माण तक सीमित न रहे, बल्कि उसकी नियमित साफ-सफाई, जल व्यवस्था एवं उपयोगिता भी सुनिश्चित की जाए। लक्ष्य की प्राप्ति में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

यूपी स्कूलों में बालिका शौचालय 100% क्रियाशील करने के निर्देश




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