बरेली। शिक्षा जगत के लिए गर्व का क्षण है। दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित ‘श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान–2025’ के लिए देशभर से लगभग 45,000 शिक्षकों ने आवेदन किया था, जिनमें से केवल 40 शिक्षकों का चयन किया गया। इन चुनिंदा शिक्षकों में उत्तर प्रदेश से 3 अध्यापकों को स्थान मिला है, जिनमें बरेली की शिक्षिका राखी गंगवार का नाम प्रमुख रूप से शामिल है।
सामाजिक जागरूकता और शिक्षा में उल्लेखनीय कार्य
राखी गंगवार को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जा रहा है। उन्हें ‘पैड वुमन’ के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि उन्होंने छात्राओं और महिलाओं में स्वच्छता व मासिक धर्म जागरूकता को लेकर महत्वपूर्ण अभियान चलाए हैं।
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| राखी गंगवार |
उनका प्रयास केवल कक्षा शिक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने समाज में व्याप्त झिझक और अज्ञानता को दूर करने के लिए निरंतर कार्य किया है।
9 मार्च 2026 को दिल्ली में होगा सम्मान समारोह
यह प्रतिष्ठित सम्मान 9 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और चयनित शिक्षकों को सम्मानित करेंगे।
45,000 आवेदनों में से केवल 40 का चयन
इस सम्मान के लिए पूरे देश से लगभग 45 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे। कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद केवल 40 शिक्षकों को अंतिम रूप से चुना गया। उत्तर प्रदेश से तीन शिक्षकों का चयन होना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
प्रदेश और बरेली के लिए गर्व का विषय
राखी गंगवार की यह उपलब्धि न केवल बरेली जिले बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उनका कार्य यह संदेश देता है कि शिक्षक केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि समाज निर्माण की धुरी भी होते हैं।
शिक्षा के माध्यम से समाज परिवर्तन का संदेश
राखी गंगवार का चयन इस बात का प्रमाण है कि जब शिक्षा को सामाजिक जिम्मेदारी के साथ जोड़ा जाता है, तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है। उनका सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हजारों शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
यह उपलब्धि बताती है कि शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की सबसे सशक्त शक्ति है।



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