परिषदीय शिक्षकों को कैशलेस इलाज | UP Teachers Cashless Medical Scheme 2025
लखनऊ। प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों एवं परिषद से मान्यता प्राप्त (अनुदानित व स्ववित्तपोषित) विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, विशेष शिक्षकों (CWSN), कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत वार्डन, पूर्णकालिक व अंशकालिक शिक्षक/शिक्षिकाओं तथा प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों एवं उनके आश्रित परिवारजनों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षक दिवस पर हुई थी महत्वपूर्ण घोषणा
बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मियों द्वारा लंबे समय से स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के दृष्टिगत निजी चिकित्सालयों में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की जा रही थी। इसी क्रम में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 05 सितंबर 2025 (शिक्षक दिवस) के अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग के कार्मिकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की घोषणा की गई थी।
सरकारी व सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मिलेगा उपचार
मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रियान्वयन के तहत यह कैशलेस उपचार सुविधा न केवल सरकारी चिकित्सालयों में, बल्कि State Agency for Comprehensive Health and Integrated Services (SACHIS) से संबद्ध निजी चिकित्सालयों में भी अनुमन्य होगी। यह सुविधा आईपीडी (अंतरंग विभाग) उपचार के लिए लागू की जाएगी। उपचार की दरें वही होंगी, जो प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा समय-समय पर निर्धारित की जाती हैं।
वार्षिक प्रीमियम व अनुमानित व्यय
इस योजना के अंतर्गत प्रति कार्मिक ₹3000 वार्षिक प्रीमियम अनुमानित किया गया है। योजना से लाभान्वित होने वाले कुल कार्मिकों की संख्या लगभग 11,95,391 आँकी गई है, जिसके सापेक्ष ₹358.61 करोड़ का वार्षिक वित्तीय व्यय भार अनुमानित है।
शिक्षा कर्मियों को बड़ी राहत
यह निर्णय बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, कर्मियों एवं उनके आश्रित परिवारों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने से अब गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक बोझ से निजात मिलेगी और समय पर बेहतर उपचार संभव हो सकेगा।
परिषदीय शिक्षकों को कैशलेस इलाज | UP Teachers Cashless Medical Scheme 2025
लखनऊ। प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों एवं परिषद से मान्यता प्राप्त (अनुदानित व स्ववित्तपोषित) विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, विशेष शिक्षकों (CWSN), कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत वार्डन, पूर्णकालिक व अंशकालिक शिक्षक/शिक्षिकाओं तथा प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों एवं उनके आश्रित परिवारजनों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षक दिवस पर हुई थी महत्वपूर्ण घोषणा
बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मियों द्वारा लंबे समय से स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के दृष्टिगत निजी चिकित्सालयों में उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की जा रही थी। इसी क्रम में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 05 सितंबर 2025 (शिक्षक दिवस) के अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग के कार्मिकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की घोषणा की गई थी।
सरकारी व सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मिलेगा उपचार
मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रियान्वयन के तहत यह कैशलेस उपचार सुविधा न केवल सरकारी चिकित्सालयों में, बल्कि State Agency for Comprehensive Health and Integrated Services (SACHIS) से संबद्ध निजी चिकित्सालयों में भी अनुमन्य होगी। यह सुविधा आईपीडी (अंतरंग विभाग) उपचार के लिए लागू की जाएगी। उपचार की दरें वही होंगी, जो प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा समय-समय पर निर्धारित की जाती हैं।
वार्षिक प्रीमियम व अनुमानित व्यय
इस योजना के अंतर्गत प्रति कार्मिक ₹3000 वार्षिक प्रीमियम अनुमानित किया गया है। योजना से लाभान्वित होने वाले कुल कार्मिकों की संख्या लगभग 11,95,391 आँकी गई है, जिसके सापेक्ष ₹358.61 करोड़ का वार्षिक वित्तीय व्यय भार अनुमानित है।
शिक्षा कर्मियों को बड़ी राहत
यह निर्णय बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, कर्मियों एवं उनके आश्रित परिवारों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने से अब गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक बोझ से निजात मिलेगी और समय पर बेहतर उपचार संभव हो सकेगा।


Social Plugin