नई दिल्ली। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश से जुड़े नियमों में संभावित बदलाव को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS के निवेश ढांचे की व्यापक समीक्षा के लिए एक नई कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी का नाम SAARG (Strategic Asset Allocation and Risk Governance) रखा गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, SAARG कमेटी का उद्देश्य NPS के निवेश नियमों को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। कमेटी इस बात की समीक्षा करेगी कि NPS के तहत निवेश किन-किन माध्यमों में किया जाए और जोखिम प्रबंधन को और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है।
निवेश विकल्पों और जोखिम प्रबंधन पर रहेगा फोकस
SAARG कमेटी NPS में उपलब्ध मौजूदा निवेश विकल्पों की समीक्षा के साथ-साथ नए निवेश विकल्प जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार करेगी। इसके अलावा, निवेश की वैल्यू को मापने के तरीकों, परिसंपत्ति आवंटन (Asset Allocation) और जोखिम प्रबंधन (Risk Management) से जुड़े पहलुओं पर भी सुझाव देगी।
अनुभवी विशेषज्ञ को सौंपी गई जिम्मेदारी
इस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में मॉर्गन स्टेनली इंडिया के पूर्व कंट्री हेड और सीईओ नारायण रामचंद्रन को नियुक्त किया गया है। उनके नेतृत्व में कमेटी निवेश के तरीकों, जोखिम से जुड़े मुद्दों और ग्राहकों के हितों को प्रभावित करने वाले सभी पहलुओं पर गहन अध्ययन कर अपनी सिफारिशें PFRDA को सौंपेगी।
NPS खाताधारकों के लिए क्यों है अहम?
PFRDA का कहना है कि यह पहल NPS खाताधारकों के हितों को ध्यान में रखकर की गई है। कमेटी की सिफारिशों से NPS में निवेश प्रक्रिया को ज्यादा प्रभावी, सुरक्षित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सकेगा। ऐसे में आने वाले समय में NPS से जुड़े नियमों और निवेश विकल्पों में अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
NPS में निवेश करने वाले लाखों कर्मचारियों और पेंशन योजनाओं से जुड़े लोगों के लिए SAARG कमेटी की रिपोर्ट काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


Social Plugin