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27 जनवरी 2026 से शुरू हो रहे निपुण आकलन हेतु KPI बैठक में बताए गए 8 अहम निर्देश

Sir Ji Ki Pathshala

Nipun Assessment 2026 KPI Meeting G निपुण आंकलन 2026

Nipun Assessment 2026 KPI Meeting G निपुण आंकलन 2026

27 जनवरी 2026 से प्रदेशभर में निपुण आकलन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसको लेकर आयोजित KPI बैठक में विद्यालयों, प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों के लिए कई अति महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश साझा किए गए। इन निर्देशों का उद्देश्य आकलन को पारदर्शी, सरल और सुधारात्मक बनाना है, न कि दंडात्मक। नीचे निपुण आकलन से जुड़े सभी प्रमुख बिंदुओं को विस्तार से प्रस्तुत किया जा रहा है—


1. कॉपी का फोटो लेने के निर्देश

आकलन के दौरान छात्रों की कॉपी का फोटो केवल हिंदी लेखनी का ही लिया जाएगा।

  • गणित के प्रश्न अलग पेज पर करवाए जाएं।
  • बच्चों से सादे सफेद कागज पर लिखवाना अनिवार्य होगा, ताकि स्कैनिंग में कोई समस्या न आए।

2. आकलन में छात्रों की संख्या

  • यदि किसी कक्षा में 12 या उससे अधिक छात्र हैं, तो रैंडम रूप से 12 छात्रों का आकलन किया जाएगा।
  • यदि कक्षा में 12 से कम छात्र हैं, तो सभी छात्रों का आकलन अनिवार्य होगा।

3. कक्षा की निपुणता तय करने का मानक

कक्षा को निपुण घोषित करने के लिए छात्रों की संख्या के अनुसार यह मानक तय किया गया है—

  • यदि कक्षा में 4 या उससे कम छात्र हैं, तो 100% छात्रों का निपुण होना आवश्यक है।
  • यदि कक्षा में 4 से अधिक छात्र हैं, तो कम से कम 80% छात्रों का निपुण होना अनिवार्य होगा।

उदाहरण:

  • 12 छात्रों में → 80% = 10 छात्र
  • 7 छात्रों में → 80% = 6 छात्र
  • 4 छात्रों में → 100% = 4 छात्र

4. छात्र का फोटो

आकलन के दौरान किसी भी छात्र का रैंडम फोटो मांगा जा सकता है।
इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि विद्यालय में 100% छात्र उपस्थिति रहे।


5. कक्षा शिक्षक की भूमिका

  • कक्षा 1 और 2 में पढ़ाने वाले शिक्षकों का नाम और मोबाइल नंबर फीड किया जाएगा।
  • जहां एक कक्षा में कई शिक्षक पढ़ाते हैं, वहां हिंदी पढ़ाने वाले शिक्षक का विवरण दर्ज कराया जाएगा।
  • पूरे विद्यालय स्टाफ को आकलन प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता निभानी होगी।

6. नेट कनेक्टिविटी

आकलन शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि—

  • आकलनकर्ता के मोबाइल में नेट कनेक्टिविटी पूरी तरह सही हो।
  • किसी भी तकनीकी समस्या से आकलन प्रभावित न हो।

7. प्रैक्टिस टेस्ट अनिवार्य

  • निपुण प्लस ऐप पर कक्षा 1 और 2 के लिए 100% प्रैक्टिस टेस्ट कराना अनिवार्य है।
  • छात्र का उच्चारण शुद्ध होना चाहिए, भले ही वह थोड़ा रुक-रुक कर बोले।
  • स्पीड का कोई आकलन नहीं किया जाएगा, केवल समझ और उच्चारण पर ध्यान दिया जाएगा।

8. आकलनकर्ता के संबंध में निर्देश

  • निपुण आकलनकर्ता एक प्रशिक्षु होता है और विद्यालय का अतिथि माना जाएगा।
  • प्रधानाध्यापक आकलन से 1-2 दिन पहले प्रशिक्षु से संपर्क कर लें।
  • यदि विद्यालय दूरदराज क्षेत्र में है, तो विद्यालय का कोई स्टाफ प्रशिक्षु को रिसीव कर समय पर विद्यालय पहुंचाने में सहयोग करे।

महत्वपूर्ण संदेश

👉 निपुण आकलन दंडात्मक नहीं, बल्कि सुधारात्मक है।
इसलिए सभी विद्यालय आकलन को संवेदनशीलता, गंभीरता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ संपन्न कराएं।

निपुण आकलन बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि विद्यालय, शिक्षक और प्रशासन मिलकर इन दिशा-निर्देशों का सही ढंग से पालन करें, तो आकलन न केवल सफल होगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी वास्तविक सुधार देखने को मिलेगा। ✅


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