मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण को लेकर स्थिति स्पष्ट, परिषदीय कर्मचारी राज्य कर्मचारी नहीं: आरटीआई से खुलासा
प्रयागराज। मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज कराने को लेकर उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों एवं कर्मचारियों में लंबे समय से बनी असमंजस की स्थिति अब स्पष्ट हो गई है। परिषद के सचिव द्वारा जारी पत्र में साफ कहा गया है कि बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी राज्य कर्मचारी की श्रेणी में नहीं आते, इसलिए उन पर राज्य कर्मचारियों से संबंधित नियम स्वतः लागू नहीं किए जा सकते।
मुख्यमंत्री कार्यालय के संदर्भ में आया था मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह विषय माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त संदर्भ संख्या 12000240178509 के क्रम में परिषद के संज्ञान में आया था। इसमें मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज कराने तथा बेसिक शिक्षा परिषद के कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने से संबंधित अनुरोध किया गया था।
राज्य कर्मचारियों पर लागू हैं संपत्ति विवरण के नियम
परिषद द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शासन के निर्देशानुसार केवल राज्य सरकार के अधीन कार्यरत कर्मचारियों को ही मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज कराना अनिवार्य किया गया है। जबकि बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन कार्यरत शिक्षक एवं कर्मचारी परिषदीय कर्मचारी हैं, न कि राज्य कर्मचारी।
परिषदीय कर्मचारियों पर नियम स्वतः लागू नहीं
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बेसिक शिक्षा परिषद के कर्मचारियों को जो सुविधाएं एवं दायित्व प्राप्त हैं, वे परिषद के नियमों के अंतर्गत अनुमन्य हैं। राज्य कर्मचारियों से जुड़े नियम एवं शर्तें परिषद कर्मचारियों पर स्वतः लागू नहीं होतीं।
जनसुनवाई पोर्टल पर नहीं दिखाया जा सकता मामला
परिषद ने यह भी बताया कि चूंकि यह मामला मांग/सुझाव की श्रेणी में आता है, इसलिए इसे जनसुनवाई पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं किया जा सकता। इसी कारण इस विषय पर शासन स्तर पर कोई प्रत्यक्ष कार्रवाई अभी संभव नहीं है।
जिला स्तर पर जारी निर्देशों पर उठे सवाल
इस पत्र के सामने आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि जनपद स्तर पर वित्त एवं लेखाधिकारी अथवा अन्य अधिकारियों द्वारा मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण दर्ज कराने को लेकर दिए जा रहे निर्देशों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
शिक्षक संगठनों की मांग
शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब तक बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों और कर्मचारियों को विधिवत राज्य कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण से संबंधित ऐसे आदेश भ्रम और अनावश्यक दबाव की स्थिति पैदा करते रहेंगे।
आरटीआई के माध्यम से सामने आई इस स्थिति के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि परिषद और शासन स्तर पर इस विषय को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों को राहत मिल सके।



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