देशभर में केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोतरी को लेकर चर्चाओं के बीच असम सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। असम ने 8वें राज्य वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी है, जिससे वह ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी औपचारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि असम सरकार ने पूर्व मुख्य सचिव शुभस दास की अध्यक्षता में आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है।
केंद्र से पहले राज्य ने दिखाई पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) जारी कर दिए हैं, लेकिन अभी तक किसी राज्य ने अपना वेतन आयोग गठित नहीं किया था। इस स्थिति में असम सरकार ने आगे बढ़कर यह फैसला लिया है।
सरमा के अनुसार, यह निर्णय कर्मचारियों के हितों की रक्षा और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में उठाया गया कदम है।
7वां वेतन आयोग समाप्त, बढ़ी नई उम्मीद
गौरतलब है कि 7वां वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है। इसके बाद से ही कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग से वेतन बढ़ोतरी की उम्मीद है। असम सरकार के इस फैसले ने इन उम्मीदों को और मजबूत किया है।
सैलरी बढ़ोतरी में अभी लग सकता है वक्त
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि वेतन बढ़ोतरी तुरंत लागू होना आसान नहीं है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें और उनका क्रियान्वयन 2027-28 या 2028-29 तक जा सकता है।
अन्य विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट देने में आमतौर पर करीब 18 महीने लगते हैं। इस आधार पर नई वेतन संरचना की अधिसूचना 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
अन्य राज्यों के लिए संकेत
असम का यह कदम अब अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में दूसरे राज्य भी अपने-अपने वेतन आयोग के गठन की दिशा में कदम उठा सकते हैं।


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