उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग का नया संकल्प: 2026 तक बदल जाएगा स्कूलों का स्वरूप, डिजिटल और समावेशी शिक्षा पर जोर
लखनऊ। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर शिक्षा निदेशक (बेसिक) उत्तर प्रदेश ने प्रदेशवासियों, शिक्षकों और छात्रों को संबोधित करते हुए एक गौरवशाली भविष्य का खाका खींचा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप, प्रदेश में शिक्षा को केवल साक्षरता तक सीमित न रखकर एक सामाजिक क्रांति का माध्यम बनाया जा रहा है।
1. डिजिटल क्रांति और स्मार्ट क्लासेज
शिक्षा निदेशक ने प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की जानकारी दी।
- परिषदीय विद्यालयों को डिजिटल बनाने के लिए स्मार्ट क्लासेज और 5,817 आईसीटी लैब्स स्थापित की जा रही हैं।
- शिक्षकों के उपयोग के लिए 2.61 लाख से अधिक टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे शिक्षण पद्धति में आमूल-चूल परिवर्तन आया है।
- जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) में आधुनिक डिजिटल स्टूडियो बनाने के लिए 13.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
2. मुख्यमंत्री अभ्युदय और मॉडल कंपोजिट विद्यालय
प्रदेश में विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ 75 मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय और 150 मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं।
- वर्तमान में 41 विद्यालयों का निर्माण प्रगति पर है, जिसकी प्रति इकाई लागत 25 करोड़ रुपये है।
- इन विद्यालयों में अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा, फर्नीचर और उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
3. बालिकाओं और वंचित वर्गों के लिए विशेष प्रयास
सरकार ने हाशिए पर रहने वाले समुदायों और बालिकाओं की शिक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं:
- वनटांगिया विद्यालय: गोरखपुर और महाराजगंज में 22 प्राथमिक और 14 उच्च प्राथमिक विद्यालयों का निर्माण किया गया है, जबकि गोंडा में प्रक्रिया गतिमान है।
- कस्तूरबा गांधी विद्यालय: सभी 746 विद्यालयों का उच्चीकरण कक्षा 12 तक किया जा रहा है, जहाँ कमजोर वर्ग की बालिकाओं को नि:शुल्क आवासीय शिक्षा मिलेगी।
- अटल आवासीय विद्यालय: प्रदेश के 18 मण्डलों में पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के लिए ये विद्यालय संचालित हैं।
4. पाठ्यक्रम और मूल्यांकन में सुधार
- NCERT पाठ्यक्रम: विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से NCERT का पाठ्यक्रम लागू हो रहा है। कक्षा 4 की पुस्तकों का कस्टमाइजेशन कार्य अंतिम चरण में है।
- परख सर्वेक्षण 2024: उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर कक्षा 3 और 6 में भाषा और गणित विषयों में अपनी स्थिति में सुधार किया है।
- 360° रिपोर्ट कार्ड: छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए NCERT द्वारा प्रस्तावित समग्र प्रगति पत्र (रिपोर्ट कार्ड) जल्द ही प्राथमिक विद्यालयों में लागू किया जाएगा।
5. अभिभावकों पर बोझ कम करने की पहल
विभाग ने छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं के लिए भारी बजट का प्रावधान किया है:
- स्कूल बैग हेतु 350 करोड़ रुपये।
- नि:शुल्क यूनिफॉर्म हेतु 168 करोड़ रुपये।
- परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति हेतु लगभग 38 करोड़ रुपये।
शिक्षा निदेशक ने अपने संदेश के अंत में सभी अधिकारियों और शिक्षकों से छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्ण निष्ठा के साथ दायित्व निभाने की अपेक्षा की है, ताकि एक न्यायसंगत समाज और विकसित राष्ट्र का निर्माण हो सके।






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