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समायोजन 3.0 पर हाई कोर्ट की अहम सुनवाई, अंतरिम राहत बरकरार, आदेश सुरक्षित

Sir Ji Ki Pathshala

समायोजन 3.0 से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट में 20 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई का आदेश सामने आ गया है। कोर्ट ने इस मामले में आदेश सुरक्षित रखते हुए याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत प्रदान की है, जिससे फिलहाल समायोजन प्रक्रिया पर राहत बनी हुई है।

हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों को लिखित दलीलें (Written Submissions) दाखिल करने का निर्देश भी दिया है। यह मामला जनपद जालौन से संबंधित है, जहां शिक्षा मित्रों को जोड़कर समायोजन किए जाने को चुनौती दी गई है।

याचिका में उठाए गए मुख्य मुद्दे

याचिका में यह तर्क दिया गया है कि शिक्षा मित्रों को शामिल कर समायोजन किया जाना सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों के विपरीत है, जिनमें शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के समकक्ष नहीं माना गया है। इसी आधार पर समायोजन 3.0 की वैधता को चुनौती दी गई है।

वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने रखी मजबूत दलीलें

याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट तरुण अग्रवाल तथा अधिवक्ता प्रशांत मिश्रा ने प्रभावी ढंग से बहस की। अधिवक्ताओं ने कोर्ट के समक्ष स्पष्ट किया कि शिक्षा मित्रों को जोड़कर किया गया समायोजन कानूनी प्रावधानों और न्यायिक निर्णयों के विरुद्ध है।

अंतरिम राहत से बढ़ी उम्मीदें

कोर्ट द्वारा अंतरिम राहत जारी रखने के आदेश से शिक्षकों और संबंधित पक्षों में उम्मीद जगी है। इससे यह संकेत मिलता है कि कोर्ट मामले को गंभीरता से विचाराधीन मान रहा है और अंतिम निर्णय तक स्थिति यथावत रखी जाएगी।

समायोजन 3.0 हाईकोर्ट का आदेश


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