स्पेशल एजुकेटर्स की नियुक्ति में भी TET अनिवार्यता का विवाद, सुप्रीम कोर्ट ने NCTE से मांगी कानूनी स्थिति की स्पष्टता
स्पेशल जरूरत वाले बच्चों को पढ़ाने वाले स्पेशल एजुकेटर्स की नियुक्ति में अब नया विवाद पैदा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट रूप से कहा है कि नियुक्ति प्रक्रिया में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को लेकर स्थिति अभी अस्पष्ट है, और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) से इसका कानूनी पक्ष तुरंत स्पष्ट करने को कहा है।
कोर्ट का आदेश: TET के बिना अभी कोई नियुक्ति नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए निर्देश दिया है कि—
- जब तक कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं होती, किसी भी स्पेशल एजुकेटर की नियुक्ति टीईटी के बिना नहीं की जाएगी।
- कोर्ट इस मामले पर दो दिसंबर को दोबारा सुनवाई करेगा।
यह आदेश जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस अगस्टीन जार्ज मसीह की पीठ ने रजनीश कुमार पांडेय बनाम केंद्र सरकार मामले की सुनवाई के दौरान दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने NCTE से पूछा– क्या स्पेशल एजुकेटर के लिए भी TET जरूरी है?
पीठ ने NCTE को निर्देश दिया है कि:
- क्या स्पेशल एजुकेटर की न्यूनतम योग्यता में टीईटी शामिल है?
- यदि नहीं, तो कौन-सा नियम लागू होगा?
- RCI (Rehabilitation Council of India) की योग्यता और NCTE के मानकों में क्या तारतम्य है?
कोर्ट ने कहा कि नियुक्ति मानकों को लेकर जरूरत से ज्यादा भ्रम की स्थिति है, जिसे तुरंत दूर किया जाना चाहिए।
यूपी सरकार ने कहा—प्राथमिक शिक्षक के लिए TET न्यूनतम योग्यता
सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के वकील ने दलील दी कि—
- प्राथमिक शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए टीईटी अनिवार्य न्यूनतम योग्यता है।
- इसलिए स्पेशल एजुकेटर के मामले में भी इसे लागू होना चाहिए।
इस पर पीठ ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि:
“अब तक यही समझा जा रहा था कि स्पेशल एजुकेटर की नियुक्ति के लिए केवल RCI की योग्यता पर्याप्त है, जैसा कि सुप्रीम कोर्ट ने 7 मार्च 2025 को दिए अपने निर्णय में कहा था।”
स्पेशल एजुकेटर्स के लिए बड़ा असर
सुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम आदेश के बाद:
- विभिन्न राज्यों में चल रही स्पेशल एजुकेटर भर्ती प्रक्रियाएँ प्रभावित हो सकती हैं।
- ऐसे अभ्यर्थी, जो RCI योग्य हैं लेकिन TET पास नहीं हैं, अब असमंजस में हैं।
- नियुक्ति करने वाली एजेंसियों को फिलहाल प्रक्रियाएँ रोकनी पड़ सकती हैं।
अब सबकी निगाहें 2 दिसंबर की सुनवाई पर
इस मामले पर अंतिम स्पष्टता अब 2 दिसंबर को होने वाली अगली सुनवाई के बाद ही मिलेगी।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्पेशल एजुकेटर्स की भविष्य की नियुक्ति प्रक्रियाओं और योग्यता मानकों को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकता है।


Social Plugin