लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारण को लेकर लंबे समय से बनी असमंजस की स्थिति अब धीरे-धीरे स्पष्ट होती नजर आ रही है। विभागीय नियमों के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में वरिष्ठता तय करने का एक निश्चित क्रम है, जबकि अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के पश्चात वरिष्ठता निर्धारण के लिए अलग मानक निर्धारित किए गए हैं।
सामान्य स्थिति में वरिष्ठता निर्धारण का क्रम
विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार सामान्य स्थिति में शिक्षकों की वरिष्ठता निम्नलिखित आधारों पर तय की जाएगी—
- मौलिक नियुक्ति की तिथि
- चयन गुणांक
- जन्मतिथि (DOB)
- नाम का अल्फाबेट क्रम
अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के बाद वरिष्ठता निर्धारण
अंतर्जनपदीय स्थानांतरण का लाभ लेने वाले शिक्षकों के लिए वरिष्ठता निर्धारण के मानकों को अलग रखा गया है। इस स्थिति में वरिष्ठता तय करने का क्रम इस प्रकार होगा—
- सचिव द्वारा जारी कार्यमुक्ति आदेश की तिथि
- मौलिक नियुक्ति की तिथि
- जन्मतिथि (DOB)
- नाम का अल्फाबेट क्रम
शिक्षकों को मिली राहत
वरिष्ठता निर्धारण के इन स्पष्ट मानकों के सामने आने के बाद शिक्षकों में संतोष का माहौल है। उनका मानना है कि इससे वरिष्ठता सूची को लेकर होने वाले विवादों में कमी आएगी और पदोन्नति, समायोजन तथा तैनाती से जुड़ी प्रक्रियाएँ अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनेंगी।
प्रशासनिक निर्णयों में आएगी एकरूपता
विभागीय सूत्रों के अनुसार आगामी वरिष्ठता सूचियाँ और संबंधित प्रशासनिक निर्णय इन्हीं निर्धारित मानकों के आधार पर लिए जाएंगे। इससे सभी जनपदों में एकरूपता बनी रहेगी और शिक्षकों के हित में समयबद्ध निर्णय संभव हो सकेंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा यह स्पष्टता व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षक हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

