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सिपाही भर्ती में बड़ी राहत: अब नहीं होगी निगेटिव मार्किंग, अभ्यर्थियों को मिला बड़ा फायदा

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती होने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने आरक्षी (सिपाही) एवं बंदी रक्षक के पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षाओं में निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के माध्यम से मंजूरी प्रदान की।

इस निर्णय के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियमावली–2025 तथा उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग जेल वार्डर संवर्ग सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली–2025 को स्वीकृति दी गई है। इसके बाद भर्ती परीक्षा के नियमों में आवश्यक बदलाव कर दिए गए हैं।

सिपाही भर्ती में बड़ी राहत

अब तक आरक्षी एवं बंदी रक्षक भर्ती परीक्षा में गलत उत्तर देने पर निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था लागू थी। आरक्षी भर्ती परीक्षा में सही उत्तर देने पर दो अंक मिलते थे, जबकि गलत उत्तर देने पर आधा अंक काट लिया जाता था। इसी प्रकार बंदी रक्षक भर्ती परीक्षा में भी निगेटिव मार्किंग लागू थी। शासन ने अभ्यर्थियों की मांग और परीक्षा प्रणाली को अधिक न्यायसंगत बनाने के उद्देश्य से इस व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला किया है।

सरकार के इस निर्णय के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा नियमावली में संशोधन संबंधी अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी। इससे आगामी सभी भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को निगेटिव मार्किंग की चिंता से मुक्ति मिलेगी।

मुख्य आरक्षी (पुलिस मोटर परिवहन) परीक्षा का परिणाम घोषित

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस मोटर परिवहन शाखा में मुख्य आरक्षी के 176 पदों के लिए 5 अक्तूबर को आयोजित विभागीय परीक्षा का परिणाम भी घोषित कर दिया गया है। अभ्यर्थी अपना परीक्षा परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर देख सकते हैं।

बोर्ड की ओर से यह भी बताया गया है कि अगले चरण की प्रयोगात्मक एवं तकनीकी दक्षता परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र से संबंधित सूचना शीघ्र ही वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार के इन फैसलों को यूपी पुलिस में भर्ती की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, अभ्यर्थी हितैषी और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।