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विद्यालय प्रभार सीनियोरिटी आधारित नियम: शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

Sir Ji Ki Pathshala

विद्यालय प्रभार से संबंधित सीनियोरिटी (वरिष्ठता) के निर्धारण को लेकर विभिन्न परिस्थितियों में लागू नियमों को स्पष्ट किया गया है। अंतर्जनपदीय, जनपदीय, अपर प्राइमरी एवं कंपोजिट विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए सीनियोरिटी आधारित प्रभार के नियम निम्न प्रकार हैं—

विद्यालय प्रभार सीनियोरिटी आधारित नियम


➡️ अंतर्जनपदीय स्थानांतरण केस---

👉 यदि दो शिक्षक एक साथ अंतर्जनपदीय स्थानांतरण का लाभ लेकर एक ही जनपद में सेवा दे रहे है तो उनकी सीनियरिटी मौलिक नियुक्ति dob व नाम के अल्फाबेट से निर्धारित की जाएगी,,।।।

👉 यदि दो या दो से अधिक शिक्षक अलग अलग बैच में स्थानांतरण का लाभ लेकर एक ही जनपद में सेवा दे रहे है तो उनकी सीनियोरिटी का निर्धारण सचिव बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी पत्र के दिनांक ली जाएगी

👉 _नोट:- ऐसे विद्यालय जहाँ अंतर्जनपदीय व मूल जनपद के शिक्षक साथ मे कार्यरत हो तो वहाँ मूल जनपद में कार्यरत शिक्षक को वरीयता दी जाएगी यदि उसकी मौलिक नियुक्ति ट्रांसफर होने की तिथि से पहले की है,,।।।


➡️ जनपदीय केस---

👉 यदि दो शिक्षक या इससे अधिक शिक्षक एक ही बैच से नियुक्त है तो यथा मौलिक नियुक्ति , चयन गुणांक dob,,।।।

👉 यदि दो या दो से अधिक शिक्षक अलग अलग बैच के नियुक्त है उनकी सीनियोरिटी मौलिक नियुक्ति से अवतरित की जाएगी,,।।।


➡️ Upper प्राइमरी केस

👉 दो या दो से अधिक शिक्षक एक साथ नियुक्त है मौलिक नियुक्ति गुणांक dob

👉 अलग अलग बैच के शिक्षक के लिए मौलिक नियुक्ति से तय की जाएगी,,।।।

👉 यदि दो शिक्षक एक साथ 2004 मे नियुक्त होते है और उनमें से एक शिक्षक का प्रमोशन 2007 में दूसरे का 2009 में होता है तो ऐसे केस में वरिष्ठता मौलिक नियुक्ति चयन गुणांक dob व नाम के अल्फाबेट से होगी,,।।।।

👉 गणित विज्ञान में नियुक्ति शिक्षक प्रमोशन से आये शिक्षक से जूनियर माने जाएंगे,,।।


➡️ कंपोजिट विद्यालय में----

👉 PS के सहायक का PS के सहायक से वरिष्ठता निर्धारित होगी,,।।।

👉 UPS के सहायक का UPS के सहायक व प्राइमरी के हेड से वरिष्ठता निर्धारित होगी,,।।।


यह नियम विद्यालय प्रभार एवं प्रशासनिक कार्यों में स्पष्टता लाने हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। शिक्षकों को सीनियोरिटी निर्धारण से संबंधित इन बिंदुओं की जानकारी होना आवश्यक है, जिससे किसी भी प्रकार के भ्रम या विवाद से बचा जा सके।