प्रयागराज। टीजीटी परीक्षा में आयु में छूट न दिए जाने को लेकर दायर अवमानना याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति दिनेश पाठक की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि अगली तारीख 5 दिसंबर को आयोग को अदालत के समक्ष स्पष्ट और ठोस स्थिति प्रस्तुत करनी होगी।
गरिमा सिंह सहित 39 याचिकाकर्ताओं की अवमानना याचिका
इस मामले में गरिमा सिंह और 38 अन्य याचिकाकर्ताओं ने अवमानना याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट ने 10 नवंबर 2025 को आयु में छूट से संबंधित आदेश पारित किया था। आदेश की जानकारी सरकार एवं संबंधित आयोग को होने के बावजूद अब तक इसका अनुपालन नहीं किया गया।
हाईकोर्ट ने जताई नाराज़गी
पीठ ने सुनवाई के दौरान बताया कि—
- अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद लागू न करना अवमानना की श्रेणी में आता है।
- आयोग को अगली सुनवाई में बताना होगा कि आदेश का पालन अब तक क्यों नहीं हुआ।
- यदि ठोस जवाब न मिला, तो आगे कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
याचिकाकर्ताओं की मांग
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि—
- आयु में छूट का लाभ न मिलने से वे परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो रहे हैं।
- सरकार और आयोग की निष्क्रियता के कारण उन्हें गंभीर नुकसान उठाना पड़ रहा है।
5 दिसंबर को अहम सुनवाई
अब यह मामला 5 दिसंबर को सूचीबद्ध है, जिसमें आयोग को अदालत के सामने विस्तृत जवाब प्रस्तुत करना होगा। माना जा रहा है कि यह सुनवाई मामले की दिशा तय करेगी।
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