नई दिल्ली। स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना को और अधिक पौष्टिक और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने विशेष साप्ताहिक वितरण कार्यक्रम लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत छात्रों को अब सप्ताह के अलग-अलग दिनों पर विशेष पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार की उम्मीद है।
साप्ताहिक मध्याह्न भोजन वितरण कार्यक्रम
सरकार द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार:
- हर सोमवार — फल वितरण
- हर बुधवार — दूध वितरण
- हर बृहस्पतिवार — सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन वितरण
इन तीन विशेष दिनों में बच्चों को अतिरिक्त पोषण देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन पर विशेष प्रावधान
योजना के तहत सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन के लिए:
- प्रति बच्चे 5 रुपये प्रति दिन की दर से राशि जारी होगी
- यह व्यवस्था दिसंबर 2025 से मार्च 2026 तक लागू की जाएगी
सरकार का मानना है कि इस अवधि में बच्चों को अतिरिक्त पोषण देने से कुपोषण दर में सुधार होगा और उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी।
बच्चों के पोषण स्तर सुधारने की दिशा में बड़ा कदम
मध्याह्न भोजन योजना पहले से ही देश के करोड़ों बच्चों के लिए पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है। फलों, दूध और सप्लीमेंट्री पोषण के इस नए ढांचे से:
- छात्रों को बेहतर और संतुलित आहार मिलेगा
- स्कूलों में उपस्थिति और भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है
- बच्चों के शारीरिक विकास और स्वास्थ्य में सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है
सरकार का लक्ष्य: अधिक पोषण, बेहतर सीखने की क्षमता
विशेष साप्ताहिक पोषण कार्यक्रम लागू होने से मध्याह्न भोजन योजना और अधिक मजबूत होगी। सरकार का उद्देश्य है कि हर बच्चे तक पोषक आहार पहुंचे और उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो।



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