लखनऊ। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बी.एड. योग्यताधारी सहायक अध्यापकों के लिए ब्रिज कोर्स करना अब अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
समय से पंजीकरण कराना होगा अनिवार्य
बेसिक शिक्षा निदेशक द्वारा निर्देशित किया गया है कि सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि पात्र बी.एड. शिक्षक समय रहते ब्रिज कोर्स में अपना पंजीकरण अवश्य करा लें। यह कोर्स एनआईओएस (NIOS) के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड में होगा कोर्स
ब्रिज कोर्स को ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड में संचालित किया जाएगा, जिससे शिक्षक अपने कार्य के साथ-साथ इस कोर्स को पूरा कर सकेंगे। इसके लिए शिक्षकों को किसी नियमित कक्षा में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी।
कोर्ट का स्पष्ट निर्देश
न्यायालय द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि—
- 11 अगस्त 2023 से पहले नियुक्त
- नियमों के अंतर्गत नियुक्त
बी.एड. योग्यताधारी शिक्षकों की सेवा सुरक्षित रहेगी,
लेकिन
👉 ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य होगा।
यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर ब्रिज कोर्स पूर्ण नहीं किया जाता है, तो संबंधित शिक्षक की नियुक्ति अमान्य मानी जा सकती है।
रजिस्ट्रेशन एवं सहायता से जुड़ी जानकारी
-
ब्रिज कोर्स रजिस्ट्रेशन वेबसाइट:
👉 https://bridge.nios.ac.in -
तकनीकी समस्या होने पर सहायता ईमेल:
👉 bridgesupport@nios.ac.in
शिक्षक साथी किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर ईमेल के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
बी.एड. योग्यताधारी सहायक अध्यापकों के लिए ब्रिज कोर्स अब केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सेवा की निरंतरता के लिए अनिवार्य शर्त बन चुका है। अतः सभी पात्र शिक्षक साथी बिना विलंब किए समय से पंजीकरण कर ब्रिज कोर्स की प्रक्रिया पूर्ण करें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी समस्या से बचा जा सके।


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