लखनऊ। बेसिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किए जाने के विरोध में दस राज्यों के संगठनों से जुड़े टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) ने दिल्ली में बड़ी रैली आयोजित करने का निर्णय लिया है। पहले 5 दिसंबर को प्रस्तावित रैली की अनुमति दिल्ली पुलिस द्वारा निरस्त किए जाने के बाद संगठन ने नई रणनीति तय की है।
टीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि संगठन सीमित संख्या नहीं, बल्कि देशभर से आए शिक्षकों की विशाल रैली दिल्ली में करेगा। रैली की नई तिथि दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने के बाद घोषित की जाएगी।
सांसदों को सौंपेंगे ज्ञापन
रैली की अनुमति दोबारा लेने की प्रक्रिया के बीच 5 से 7 दिसंबर तक शिक्षक अपने-अपने क्षेत्रीय सांसदों को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापनों में यह मांग की जाएगी कि—
- आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू न की जाए,
- इस मुद्दे को संसद के शीतकालीन सत्र में उठाया जाए ताकि लाखों शिक्षकों का हित सुरक्षित रह सके।
बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि सांसदों को दिए जाने वाले ज्ञापनों में टीईटी संबंधी प्रावधानों से पहले नियुक्त शिक्षकों को छूट देने की मांग प्रमुखता से रखी जाएगी।
रैली रद्द होने पर नाराजगी
पहले 21 नवंबर और फिर दिल्ली पुलिस के निर्देश पर 5 दिसंबर को रामलीला मैदान में रैली प्रस्तावित थी, लेकिन हाल ही में दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति निरस्त कर दी। इससे शिक्षकों में भारी नाराजगी है।
टीएफआई और उत्तर प्रादेशिक प्राथमिक शिक्षक संघ की सोमवार को हुई अलग-अलग बैठकों में दिल्ली में रैली की तैयारी और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती।


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