लखनऊ। देश और प्रदेश में लगभग डेढ़ दशक बाद होने जा रही जनगणना 2027 के लिए कर्मचारियों को इस बार बड़ी राहत मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने जनगणना कार्य में लगे प्रगणक से लेकर स्टेट नोडल अफसर तक के मानदेय में भारी बढ़ोतरी का फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को पहले की तुलना में लगभग छह गुना अधिक मानदेय दिया जाएगा, वहीं प्रशिक्षण भत्ता भी ढाई गुना बढ़ा दिया गया है।
केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार, जनगणना के दो चरणों को मिलाकर प्रगणक और सुपरवाइजर को करीब 25 हजार रुपये तक मानदेय दिया जाएगा। इससे पहले जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को अपेक्षाकृत काफी कम राशि मिलती थी, जिसको लेकर लंबे समय से असंतोष जताया जा रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने यूपी सहित सभी राज्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। आदेश के अनुसार पहले चरण के लिए 9 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है, जबकि दूसरे चरण एवं बजट से संबंधित धनराशि बाद में जारी की जाएगी। इसके साथ ही प्रशिक्षण अवधि के दौरान मिलने वाले भत्ते में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक रूप से और अधिक सहारा मिलेगा।
सरकार का मानना है कि मानदेय और भत्तों में इस बढ़ोतरी से जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों का उत्साह और सहभागिता बढ़ेगी, जिससे जनगणना की प्रक्रिया अधिक सटीक, पारदर्शी और सुचारू रूप से पूरी हो सकेगी।
जनगणना 2027 को लेकर पहले से ही प्रशासनिक तैयारियां तेज हो चुकी हैं। ऐसे में मानदेय में की गई यह बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए एक प्रोत्साहन भरा कदम मानी जा रही है और इससे जनगणना कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

