लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य भर के मदरसों में पढ़ रहे छात्रों और कार्यरत शिक्षकों का पूरा विवरण एटीएस (एंटी टेररिज्म स्क्वॉड) को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। अल्पसंख्यक कल्याण एवं पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बुधवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार किसी भी हाल में मदरसों को अपराध का केंद्र बनने नहीं देगी।
संदिग्ध गतिविधियों के बाद कार्रवाई तेज
मंत्री राजभर ने कहा कि हाल ही में प्रयागराज और कुशीनगर में फर्जी नोट छापने की घटनाएँ, बहराइच के एक मदरसे में विदेशियों को अवैध आश्रय देने का मामला तथा दिल्ली बम धमाके के बाद चल रही जांच के सभी मामलों ने सरकार को अतिरिक्त सतर्क रहने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां पुलिस को संदेह है, वहां जांच जारी है और विभाग हर संभव सहयोग करेगा।
मदरसा स्टाफ और छात्रों की पूरी सूची तैयार करने के निर्देश
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द—छात्रों की संख्या, शिक्षकों की सूची, सभी के मोबाइल नंबर, माता-पिता की जानकारी व स्थायी व वर्तमान पता संग्रहित करें और एटीएस को सौंपें।
यह जानकारी सुरक्षा एजेंसियों ने औपचारिक रूप से मांगी है।
“किसी भी कीमत पर अपराध को पनपने नहीं देंगे” — राजभर
मंत्री राजभर ने कहा—
“मदरसों को किसी भी स्थिति में अपराध का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा।
सही मदरसे और सही लोग परेशान नहीं होंगे,
लेकिन सुरक्षा पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।”
पंचायत चुनाव अप्रैल–मई में होने की पुष्टि
इसी बातचीत के दौरान मंत्री ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में अगले पंचायत चुनाव अप्रैल–मई 2026 के बीच कराए जाएंगे।


Social Plugin