उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन योजना को और अधिक समृद्ध बनाने के उद्देश्य से ‘तिथि भोजन’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम के तहत कोई भी इच्छुक व्यक्ति या संस्था स्कूल के बच्चों को पका-पकाया भोजन या फल आदि वितरित कर सकती है।

🧑🍳 ऐसे लागू होगा तिथि भोजन कार्यक्रम?
- इच्छुक व्यक्ति या संस्था किसी विशेष तिथि पर विद्यालय आएगी और बच्चों को स्वस्थ एवं पौष्टिक भोजन कराएगी।
- भोजन विद्यालय परिसर या किचन में ही तैयार किया जाएगा।
- बच्चों को स्कूल के बाहर भोजन कराने की अनुमति नहीं होगी।
- भोजन का मेन्यू प्रधानाध्यापक और विद्यालय प्रबंध समिति (SMC) के सहयोग से तय होगा।
💰 कहां जमा करनी होगी धनराशि?
- इच्छुक व्यक्ति या संस्था द्वारा दिया गया धन एमडीएम (Mid-Day Meal) निधि या विद्यालय की SMC खाते में जमा किया जाएगा, जिसका उपयोग भोजन सेवा के लिए किया जाएगा।
⚠️ इन बातों का रखें ध्यान
- बच्चों को पॉष्टिक भोजन दिया जाएगा, परन्तु तला हुआ भोजन जैसे पूड़ी, पकौड़ी, पराठा, या फास्ट फूड परोसने की अनुमति नहीं है।
- स्वास्थ्य और पोषण का पूरा ध्यान रखा जाएगा — फल, मेवे, और साबुत अनाज पर आधारित भोजन को प्राथमिकता दी जाएगी।
🎒 भोजन के अलावा भी किया जा सकता है सहयोग
इस योजना के अंतर्गत केवल भोजन ही नहीं, बल्कि बच्चों को अन्य उपयोगी सामग्री भी प्रदान की जा सकती है, जैसे:
- किताबें
- ड्रेस
- स्वेटर
- स्कूल बैग
🤝 समाज के सहयोग से शिक्षित व पोषित हो रहा है भविष्य
‘तिथि भोजन’ कार्यक्रम एक शानदार पहल है जो समाज के जिम्मेदार व्यक्तियों और संस्थाओं को बच्चों के पोषण और शैक्षिक विकास में सीधे योगदान का अवसर देता है। जिला समन्वयक (एमडीएम) के अनुसार, इस कार्यक्रम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा और विद्यालय-समुदाय के बीच सकारात्मक संबंध बन सकेंगे।
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